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Sunday, May 6, 2012

वाशिंगटन से जुड़ेंगे दीदी के तार और खुल जायेंगे रीटेल एफडीआई के द्वार!

वाशिंगटन से जुड़ेंगे दीदी के तार और खुल जायेंगे रीटेल एफडीआई के द्वार!

मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास

बाजार की निगाहें कोलकाता में टिकी हुई है कि वाशिंगटन से जुड़ेंगे दीदी के तार और खुल जायेंगे रीटेल एफडीआई के द्वार!उम्मीद है कि बाजार के हितों के अनुकूल परिस्थितियां बनाने में अमेरिकी विदेश मंत्री की भूमिका कुछ खास ही होगी। कुछ भी न हो तो ​​तय है कि बंगाल की खाड़ी पर राज करने वाले कम्युनिस्ट, मार्क्सवादी और माओवादी भूतों का अंतिम संस्कार हो ही जायेगा। दीदी चरम वित्तीय संकट के सम्मुखीन हैं और केंद्र सरकार उनकी सौदेबाजी की कला को धता बताकर टोलमटोल कर रहा है। राजपाट संभाले सालभर हो गया, घोषणाएं जो की हैं, उन्हें असली जामा पहनाने की भारी चुनौती है वरना जनता के पलट जाने का बड़ा खतरा है। ऐसे में हिलेरी और दीदी का समीकरण फिटमफिट हो जाये और किसीतरह वाशिंगटन के पूंजी तीर्थभूमि के तैलीशाहों की थैलियां बंगाल के लिए खुल जायं, तो दीदी की जय जयकार हो जायेगी।बहु ब्रांड खुदरा कारोबार में एफडीआई और अन्य आर्थिक सुधारों पर भी दोनों नेताओं में वार्ता हो सकती है।

क्लिंटन ढाका में एक दिन बिताने के बाद सात मई सोमवार को दिल्ली पहुंचने से पहले रविवार की रात कोलकाता में बिताएंगी। दिल्ली में मंगलवार को वे विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से मुलाकात करेंगी और इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान और असैनिक परमाणु साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान भारत पर ईरान से तेल आयात घटाने पर जोर देंगी। क्लिंटन के साथ यात्रा कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय नेताओं के साथ विदेशी मंत्री की वार्ता में यह मामला एजेंडा में सबसे ऊपर होगा।भारत को अपने आर्थिक विकास के लिए ऊर्जा की बहुत जरूरत है और उसने ईरानी तेल पर अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कुछ प्रगति भी की है, लेकिन अधिकारी ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत इस दिशा में और ठोस कदम उठाए। उसने कहा कि भारत ने हाल ही में सउदी अरब से तेल आयात बढ़ाया है और अमेरिका चाहता है कि भारत इस तरह के अन्य विकल्प तलाशे। ईरानी तेल का आयात करते रहने पर दूसरे देशों की तरह भारत को भी जून अंत तक अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा ओबामा प्रशासन के फैसले पर निर्भर करेगा। यदि ओबामा प्रशासन को लगता है कि भारत ने ईरानी तेल आयात में कटौती अधिक नहीं की है तो वह इस बारे में निर्णय ले सकता है। अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को देखते हुए उसके खिलाफ पेट्रोलियम उद्योग की कमाई कम करने का प्रावधान किया है ताकि वह परमाणु कार्यक्रम में पश्चिमी देशों की मांग पर गौर करे।जापान और दर्जनो यूरोपीय देशों को पहले ही अमेरिकी प्रशासन ने प्रतिबंधों से छूट दे दी है। भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, तुर्की और दक्षिण अफ्रीका को अभी तक इस तरह की छूट नहीं मिली है। अमेरिकी विदेश मंत्री की बातचीत के बाद वैश्विक ऊर्जा मुद्दों पर अमेरिका के विशेष दूत कालरेस पास्कल मई के अंत तक भारत की यात्रा करेंगे।

बाजार को उम्मीद है कि हिलेरी ले देकर वह काम अवश्य कर लेंगी, जिसे अंजाम देने में यूपीए के प्रमुख संकट मोचक वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी अब तक नाकाम रहे हैं और आर्थिक सुधारों की नैय्या डांवाडोल है।हिलेरी की कोशिश होगी ममता बनर्जी रिटेल सेक्टर में एफडीआई निवेश को लेकर राजी हो जाएं क्योंकि अमेरिका की मशहूर वॉलमार्ट समेत कई रिटेल
कंपनियों की नज़र भारतीय बाजार पर है। दीदी को पटाकर मंझधार में फंसी बाजार की किस्मत उबार लेंगी, ऐसा विश्लेषकों को उम्मीद है।रविवार की रात चांद पहले से ज्यादा चमकीला और बड़ा दिखा। दर्शकों के लिए ऐसे नजारे का दीदार करना इसलिए सम्भव हुआ क्योंकि पूर्णिमा की तिथि को चांद पूरी तरह गोल और अपनी कक्षा में परिक्रमा करते हुए पृथ्वी के करीब आ गया।दीदी के लिए तो चांद राइटर्स पर मेहरबान है। अब चांदनी बटोर लेने की कला चाहिए, जो बेशक दीदी से बेहतर किसी के पास नहीं है। हिलेरी के कोलकाता दौरे को लेकर बांग्लादेश को काफी उम्मीद होगी। टाइम पत्रिका द्वारा घोषित विश्व की दो प्रभावशाली महिलाएं एक दूसरे से मिलेंगी तो कुछ खास बातें जरूर होंगी। जिसमें तीस्ता जलसंधि और खुदरा बाजार में विदेशी पूंजी निवेश का मुद्दा शामिल हो सकता है।  ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश संबंधी नीति का विरोध किया था जिसके बाद इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में अमरिकी निवेश के मद्दे पर भी बात हो सकती है।अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक भारत-बांग्लादेश सम्बंधों पर भी चर्चा हो सकती है। पिछले साल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान तीस्ता समझौता पर हस्ताक्षर का प्रस्ताव था। लेकिन आखिरी क्षणों में जल की मात्रा पर बनर्जी के विरोध के कारण हस्ताक्षर का प्रस्ताव टाल दिया गया।

वाशिंगटन से खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा ने ओहायो और वर्जीनिया में दो लगातार रैलियों के साथ इस पद के लिए अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की। इन दोनों स्थानों पर ओबामा ने ' आगे बढ़ने ' का नारा देकर चार साल पहले के अपने उस करिश्मे को दोहराने की कोशिश की , जिसने उन्हें अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति का गौरव दिलाया था।और संयोग देखिये कि भारत के उभरते हुए बाजार पर कब्जा करने के लिए दीदी के साम्यवादी तेवर और तौर तरीकों पर टोपी पहनाने के एजंडे के साथ कोलकाता पहुंच गयी हिलेरिया! कोलकाता के इस दौरे में अमेरिकी कंपनियों के लिए निवेश के अवसर भी खुल सकते हैं। इसके अलावा भारत के मुख्य क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ अमेरिका के वरिष्ठ मंत्रियों की नियमित मुलाकात एक नई बात है और निकट भविष्य में भी इसके बने रहने की संभावना है। क्लिंटन का यह दौरा उनकी चीन की यात्रा की पृष्ठभूमि में हो रहा है, जबकि इसके ठीक पहले एक मई को राष्ट्रपति ओबामा ने आपरेशन ओसामा का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर काबुल की चौंकाने वाली यात्रा की। इस समय अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों की तैयारी चल रही है और माना जा रहा है कि इन यात्राओं का राजनीतिक लक्ष्य घरेलू चुनाव हैं।

तो अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन रविवार को कोलकाता पहुंच गईं। दो दिन की यात्रा के दौरान वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के विभिन्न वर्गो के लोगों से मुलाकात करेंगी। हिलेरी विशेष विमान से दोपहर 12.55 बजे ढाका से नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरीं। उनका विमान निर्धारित समय से 15 मिनट देरी से पहुंचा। राज्य सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। हवाई अड्डे पर फोटोग्राफर हिलेरी का इंतजार कर रहे थे। यहां फोटो खिंचवाने के बाद वह लिमोजिन से कड़ी सुरक्षा के बीच दक्षिणी कोलकाता के होटल के लिए रवाना हुईं।हिलेरी की यह दूसरी और विदेश मंत्री बनने के बाद पहली कोलकाता यात्रा है। इस दौरान राइटर्स बिल्डिंग में सोमवार को पूर्वाह्न् 11 बजे उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से होगी। इससे पहले वह बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और शहर के अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्बोधित करेंगी।हिलेरी रविवार को मध्य कोलकाता स्थित इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस ऑडिटोरियम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मौजूद रहेंगी। वह विक्टोरिया मेमोरियल का भी दौरा करेंगी। क्लिंटन ने सबसे पहले वर्ष 1997 में मदर टेरेसा की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए कोलकाता का दौरा किया था। तब उनके पति बिल क्लिंटन अमेरिका के राष्ट्रपति थे और हिलेरी की हैसियत अमेरिका की प्रथम महिला के रूप में थी।अमेरिका अपने दूसरे कई समर्थक देशों के साथ भारत के विभिन्न हिस्सों में मजबूत कूटनीतिक और व्यावसायिक उपस्थिति बना चुका है। नई दिल्ली के अलावा विदेशी राजनयिक भी इस बात से भलीभांति अवगत हैं कि भारत में नीतिगत निर्णयों के मामले में क्षेत्रीय दलों की पहले की तुलना में कहीं अधिक बड़ी भूमिका है। हालांकि पूर्व में जब कोई बड़ा राजनयिक भारत यात्रा पर आता था तो वह परंपरा के तौर पर विपक्षी दल के नेता अथवा राजधानी में दूसरे राजनीतिक प्रतिनिधियों से मुलाकात करता था, लेकिन ऐसा बहुत कम होता था कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल राज्यों की राजधानियों में जाते रहे हों।

हिलेरी क्लिंटन  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सोमवार की दोपहर राइटर्स के एंटीक चेंबर में 11 बजे से लेकर 11.40 तक बैठक करेंगी और 11.45 बजे राइटर्स से चली जायेंगी। वह एक बजे कोलकाता छोड़ देंगी।ममता बनर्जी कोलकाता के दौरे पर आयीं अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को रवींद्रनाथ टैगोर की अविस्मरणीय कृति गीतांजलि और गीतोबितान तथा स्वामी विवेकानंद की पुस्तकें भेंट करेंगी।ममता कल होने वाली मुलाकात में यह उपहार हिलेरी को देंगी। ममता ने कहा कि स्वामीजी की पुस्तकें बेलूर मठ से मंगायी गयी हैं। मुख्यमंत्री हिलेरी को एक स्कार्फ भी उपहार में देंगी। यह स्कार्फ शांतिनिकेतन से मंगाया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से राइटर्स के प्रथम तल व द्वितीय तल में चौकसी बढ़ा दी गयी है। मेटल डिटेक्टर सक्रिय कर दिये गये हैं। खासकर प्रेस कार्नर के तीन नंबर ब्लाक व दो नंबर ब्लाक में मेटल डिटेक्टर लगा दिया गया है। जब तक बैठक चलेगी तब तक इस क्षेत्र में संवाददाताओं को भी प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा। कुछ फोटोग्राफरों को इस क्षेत्र में प्रवेश कर फोटो खिंचने की अनुमति दी जायेगी। यहां तक कि मुख्य सचिव समर घोष को छह नंबर गेट से राइटर्स में प्रवेश करने दिया जायेगा। अधिकारी स्तर के कर्मचारियों को सुबह नौ बजे राइटर्स आने का निर्देश दिया गया है। राइटर्स का एफबीआई के अधिकारी कई बार दौरा कर चुके हैं। उन्होंने सुरक्षा को लेकर यहां के प्रशासन को सुझाव भी दिया है, जिसके अनुरूप कार्य किया जा रहा है। पता चला है कि सुरक्षा की दृष्टि से राइटर्स सही जगह नहीं है क्योंकि हजारों लोगों का इस बिल्डिंग में आगमन होता है। यह ऐतिहासिक धरोहर बिल्डिंग है जिसकी बुनियादी ढांचे में परिवर्तन नहीं का जा सकता है इसलिए उसे सरकार उसे संजाने-संवारने के सिवा ज्यादा कुछ नहीं कर रही है। इस वजह से वह लिफ्ट से जाने के बजाय सीढ़ी से जायेंगी। जिस सीढ़ी से वह उपरी तल पर जायेंगी उसे बंद कर दिया गया है। दूसरी ओर मुसलमानों को अपमानित करने व उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने को लेकर कोलकाता टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना एसएमआर बरकती ने अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के कोलकाता पहुंचने पर काला झंडा दिखा कर विरोध करने की घोषणा की है। बरकती ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हिलेरी के साथ बैठक नहीं करने की अपील की है और उम्मीद जतायी है कि सुश्री बनर्जी मुसलमानों की भावनाओं का खयाल रखेंगी।मजलिस-ए-शूरा के चेयरमैन की हैसियत से मौलाना बरकती ने अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार करने की भी घोषणा की है। हालांकि बरकती के बयान पर सुश्री बनर्जी ने कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था चुस्त करने का निर्देश दिया है जिस पर अमल किया जा रहा है। हिलेरी के विरोध करने की बरकती की घोषणा के बाद कोलकाता पुलिस महानगर के सुरक्षा चाकचौबंद करने में जुट गयी है। फेडरल ब्यूरो आफ इनवेस्टिगेशन(एफबीआई) की 12 सदस्यीय टीम कोलकाता में मौजूद है। कोलकाता पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ एफबीआई की टीम की कई दौर की बैठकें हो चुकी है।

इस बीच देश के शेयर बाजारों में चार मई को समाप्त कारोबारी सप्ताह में गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2.07 फीसदी या 356.26 अंकों की गिरावट के साथ 16831.08 पर और निफ्टी 2.34 फीसदी या 122.15 अंकों की गिरावट के साथ 5086.85 पर बंद हुआ। इस सप्ताह शेयर बाजारों में चार दिनों का कारोबारी सत्र सम्पन्न हुआ। मंगलवार एक मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर शेयर बाजारों में कारोबार बंद रहे। मारीशस के साथ की गयी दोहरी कराधान संधि की जल्द समीक्षा करने के सरकारी बयान से आशंकित विदेशी संस्थागत निवेशको की भारी बिकवाली के बीच बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज बीएसई का सेंसेक्स सवा तीन महीने से ज्यादा की गिरावट के साथ १७ हजार के स्तर से नीचे उतरा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी १०२ अंकों का गोता लगाया। डालर के मुकाबले रूपया भी साढ़े चार महीने के न्यूनतम स्तर ५३.७२ रूपए प्रति डालर तक लुढ़का और इसमें आगे और गिरावट के आसार दिखाई दिए। बैंकिंग, धातु, पीएसयू, रियलटी, पावर और सीडी वर्ग के शेयरों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स ३२०.११ अंक नीचे गिरकर १७ हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे १६८३१.०८ अंक पर और निफ्टी १०१.५५ अंक गिरकर ५०८६.८५ अंक पर रहा।वित्त राज्य मंत्री एस एस पलानिमनिक्कम की ओर से संसद में यह बयान दिए जाने के साथ ही कि दोहरे कराधान संधि की वजह से सरकारी राजस्व को प्रति वर्ष ६० करोड डालर का नुकसान हो रहा है क्योंकि इसकी आड़ में काला धन बाजार में  आ रहा है इसलिए सरकार इस संधि की समीक्षा करने वाली है। बाजार में इस खबर ने तूफान मचाया और विदेशी निवेशक बिकवाली पर उतर आए। सेंसक्स में महज पांच कंपनियां मुनाफे में रहीं बाकी सभी ने नुकसान उठाया। बीएसई का मिडकैप १३३.९५ अंक गिरकर ६१००.८० अंक पर और स्मालकैप १२१.७० अंक नीचे ६५८८.२६ अंक पर रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज पर सरकार की ओर से जुमार्ना राशि बढ़ाए जाने की खबर  से तेल एवं गैस वर्ग के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज हुई।

अपनी तीन दिनों की यात्रा पर भारत पहुंचीं अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने रविवार को कोलकाता में मानव तस्करों से बचाई गईं महिला पीड़ितों से मुलाकात की और उनका दर्द सुना। रवींद्रनाथ टैगोर सेंटर के भारतीय सांस्कृतिक सम्बंध परिषद में क्लिंटन के स्वागत में महिलाओं ने नृत्य पेश किया। इस चार मिनट के समारोह में क्लिंटन (64) ने ताली बजाकर महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। क्लिंटन ने इस मौके पर काला सूट पहन रखा था।

क्लिंटन महिलाओं के नृत्य से इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने इस नृत्य के बारे में विस्तृत जानकारी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) कोलकाता संवेद की संस्थापक सोहिनी चक्रवर्ती से ली। क्लिंटन के समक्ष अपना नृत्य पेश करने और भारत में नृत्य की समृद्ध परम्परा से उन्हें परिचित कराने के लिए नृत्य समूह में शामिल सात महिलाओं ने दिन-रात अभ्यास किया था।

समाजशास्त्री एवं नृत्य से जुड़ी चक्रवती ने क्लिंटन को बताया कि पिछले समय में मिले मनोवैज्ञानिक आघात एवं पीड़ा को दूर करने के साथ ही नृत्य ने लड़कियों को मुख्यधारा में वापस लौटने में कैसे मदद की।

इस दौरान क्लिंटन कुछ महिलाओं के पास गईं और उनके प्रदर्शन की सराहना की। क्लिंटन ने मानव तस्करी की शिकार कुछ महिलाओं से बातचीत की और यह जानने की कोशिश की उन्हें किस तरह की पीड़ा से गुजरना पड़ा। अमेरिका की पूर्व पहली महिला ने पीड़ितों के लिए राहत के कुछ शब्द भी कहे।

कोलकाता में अपनी दो दिनों की यात्रा पर आईं क्लिंटन को लड़कियों द्वारा हाथ से तैयार कुछ सामग्री भी दिखाई गई। क्लिंटन ने कुछ एनजीओ के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक राजनैतिक दबाव के चलते सरकार को एक बार फिर अपने पैर खींचने पड़ सकते हैं। अगले हफ्ते कैबिनेट के पास भेजे जाने वाले बीमा विधेयक में वित्त मंत्रालय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 26 फीसदी के स्तर पर ही रख सकता है। इससे पहले आए विधेयक के स्वरूप में एफडीआई की सीमा 49 फीसदी रखने का प्रस्ताव था। उम्मीद की जा रही है बैंकिंग विधेयक के संशोधित स्वरूप को दो हफ्ते पहले मंजूरी देने के बाद इस हफ्ते कैबिनेट बीमा कानून (संशोधन) विधेयक पर भी मुहर लगा देगी।
बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव से वित्तीय क्षेत्र में सुधार की उम्मीद की जा रही थी, जिसकी बात वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी भी कर रहे हैं। लेकिन बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को यथास्थिति बनाए रखने से विदेशी निवेश की उम्मीद कम हो सकती है, जबकि देश को उसकी सख्त जरूरत है। विश्लेषकों का भी कहना है कि जब देश में एफडीआई की सख्त जरूरत है ऐसे में विधेयक में किए गए फेरबदल ठीक नहीं है। बीमा विधेयक मौजूदा कानून में मामूली बदलाव से ज्यादा कुछ नहीं रह गया है। मंत्रालय ने भाजपा नेता यशवंत सिन्हा की अगुआई वाली वित्तीय मामलों की संसदीय समिति की सिफारिशों पर व्यापक रूप से गौर किया है। समिति ने कहा कि कंपनियों को अपनी जरूरत के लिए विदेशी पूंजी पर निर्भरता के बजाय घरेलू बाजार में मौजूद संभावनाओं को भुनाने पर जोर देना चाहिए। विधेयक अब निजी बीमा कंपनियों के लिए अधिक एफडीआई के दरवाजे नहीं खोल पाएगा, वह भी ऐसे समय में जब चालू खाते का घाटा बढ़ता जा रहा है और रुपये में कमजोरी आ रही है। इसके बजाय समिति ने 'उसकी शर्तों पर' विदेशी पुनर्बीमा कंपनियों के लिए शाखा परिचालन क्षेत्र खोलने का प्रस्ताव दिया है।

वित्त मंत्रालय 49 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रस्तावों पर बुधवार को विचार करेगा।इनमें फैब इंडिया और ह्यूग्स कम्यूनिकेशंस इंडिया के प्रस्ताव शामिल हैं।वित्त मंत्रालय ने कहा कि आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन की अध्यक्षता वाला विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड :एफआईपीबी: नौ मई को इस पर विचार करेगा।एफआईपीबी ने 30 मार्च को हुई पिछली बैठक में 586.13 करोड़ रुपए के 22 एफडीआई प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। बुधवार को होने वाली बैठक में एफआईपीबी अमेरिका के डाईनर्स क्लब इंटरनेशनल, मुंबई की सन फार्मा रिसर्च कंपनी, मारीशस की मोजार्ट लिमिटेड और न्यूयार्क की आईएसजी आनबोर्ड इंटरप्राइजेज के प्रस्तावों पर विचार होना है।

फरवरी में भारत में 2.21 अरब डालर का विदेशी निवेश हुआ। अप्रैल से फरवरी 2011-12 के दौरान 28.40 अरब डालर का निवेश हुआ।भारत में जहां निवेश में बढ़ोतरी हुई है वहीं भारतीय कंपनियां भी विदेश में अपना निवेश बढ़ा रही हैं। आरबीआई के ताजा आंकड़े के मुताबिक भारतीय कंपनियों ने अप्रैल 2012 में विभिन्न देशों में 2.67 अरब डालर का निवेश किया है।
एफडीआई बढ़ाने के लिए सरकार विदेशी निवेश की प्रक्रिया को आसान और व्यवस्थित कर रही है और हाल ही में जिंस एक्सचेंज में स्व-स्वीकृत तौर पर विदेशी संस्थागत निवेश को 23 फीसद तक निवेश करने की मंजूरी दी है।भारत में ज्यादातर क्षेत्र में स्व-स्वीकृत जरिए से निवेश की मंजूरी है लेकिन दूरसंचार और रक्षा जैसे कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में एफआईबी की मंजूरी की जरूरत होती है।

एविएशन सेक्टर में एफडीआई फिलहाल लटकता हुआ नजर आ रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि एविएशन में विदेशी निवेश का प्रस्ताव संसद के मौजूदा सत्र में पेश होना मुश्किल लग रहा है। दरअसल एविएशन में एफडीआई पर सरकार के ही बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है जिसके चलते इसे मौजूदा सत्र में पेश नहीं किया हो पाएगा।

विमानन मंत्री अजित सिंह ने एयरलाइंस की खस्ता हालत पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा इस वित्त वर्ष में एयरलाइंस को करीब 10,000 करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है। किंगफिशर एयरलाइंस ने अभी तक तेल कंपनियों और एयरपोर्ट अथॉरिटी को 280 करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाया है।

इस बीच एविएशन सेक्टर से एक खबर ये भी है कि केवल घरेलू एयरलाइंस ही नहीं विदेशी एयरलाइंस के लिए भी मुश्किल दौर चल रहा है। जर्मनी की जानी मानी एयरलाइंस लुफ्थांसा 3,500 लोगों की छंटनी करने जा रही है। ये लोग एडमिनिस्ट्रेटिव कामकाज में लगे हैं। कंपनी को पिछली तिमाही में करीब 38 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ है। बढ़ते कंपिटीशन और महंगे एटीएफ के चलते लुफ्थांसा को नुकसान हो रहा है।

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In conversation with Palash Biswas

Palash Biswas On Unique Identity No1.mpg

Save the Universities!

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जैसे जर्मनी में सिर्फ हिटलर को बोलने की आजादी थी,आज सिर्फ मंकी बातों की आजादी है।

#BEEFGATEঅন্ধকার বৃত্তান্তঃ হত্যার রাজনীতি

अलविदा पत्रकारिता,अब कोई प्रतिक्रिया नहीं! पलाश विश्वास

ভালোবাসার মুখ,প্রতিবাদের মুখ মন্দাক্রান্তার পাশে আছি,যে মেয়েটি আজও লিখতে পারছেঃ আমাক ধর্ষণ করবে?

Palash Biswas on BAMCEF UNIFICATION!

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS ON NEPALI SENTIMENT, GORKHALAND, KUMAON AND GARHWAL ETC.and BAMCEF UNIFICATION! Published on Mar 19, 2013 The Himalayan Voice Cambridge, Massachusetts United States of America

BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Imminent Massive earthquake in the Himalayas

Palash Biswas on Citizenship Amendment Act

Mr. PALASH BISWAS DELIVERING SPEECH AT BAMCEF PROGRAM AT NAGPUR ON 17 & 18 SEPTEMBER 2003 Sub:- CITIZENSHIP AMENDMENT ACT 2003 http://youtu.be/zGDfsLzxTXo

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