Welcome

Website counter
website hit counter
website hit counters

Wednesday, September 26, 2012

FOREST RIGHTS RALLY- INVITATION - ADHOURA, KAIMUR, DISTT BHABHUA, BIHAR - 11-12TH OCT 2012

INVITATION 
FOREST RIGHTS RALLY
Adhoura, Kaimur, Distt. Bhabua, BIHAR
Dr. Vinayan Ashram, Near Block office, Adhoura
11-12th OCT. 2012

Friends as we all know Forest Right Act has been enacted to bring relief to the forest people of this country but even after six years of its enactment the implementation of this Act has not been effective in entire country. Wherever forest people are struggling they are achieving something but the real spirit of the Act has yet to be achieved. The Act talks about mitigating "historical injustice" that forest people were subjected since colonial days, but no serious effort and political will has shown by Central and State governments to achieve such goal. The forces who are responsible for these injustices are still very powerful in the forest areas that is leading to further alienation of the forest people from their natural resources and livelihood. One such area where FRA has yet to see a dawn is Adhoura, that falls in the Kaimur region of Bihar adjacent to UP and Jharkhand. The state of implementation of this Act is very poor, it is the place where even today Forest department forest guard, police constable and patwari are more powerful that District Magistrate and Superintendent of Police. The local police stations are manned by the local feudal forces and the state of development of the basic amenities are also in shambles. This is the area where Dr. Viniyan and Dr. B.D Sharma had worked extensively among the tribal, dalit and poor communities since last two decades. But unfortunately Dr. Vinayan passed away just before the Act was passed in 2006. The organization formed by Dr. Vinyan "Kaimur Mukti Morcha" had a tough time to fight all odds to strengthen the organization by sticking to democratic principles. That is why the local organization had a tough battle to fight with state machinery, repressive administration, brutal police and armed groups on the other hand. Amidst of all this atmosphere the organization fought relentlessly democratically with the help of National Forum of Forest People And Forest Workers ( Dr. vinyan was one of the founder member of this organization). In last five years various programmes were undertaken for the implementation of this Act but the State government has not acted effectively on this serious issue.
The people's organization in Kaimur area has now declared that it is not possible for them to wait anymore for the State to Act, if the Act is not implemented the people's organizations will work towards implementing this Act themselves. In order to make an effective strategy to build a strong movement in Kaimur region  a big rally on 11th October 2012 has been organized in Adhoura that will be followed by a conference on Kaimur region of three States on 12 October 2012.
We request all of you to join in large numbers so that an effective programme can be taken in Kaimur region to attain control over natural resources by tribal, dalit and other forest dwellers and of course in the leadership of women.  

Balkeshwar, Rajinder Orao, Prema Devi, kamla devi, Roma, Shanta Bhattarcharjee, Mahendra, Ashok Choudhoury, Rajnish,
Pl find the invite in hindi below
PL JOIN IN LARGE NUMBERS
How to reach Adhoura : From - Delhi to Mugul Sarai or Bhabhua Road ( Bhabhua Road is around 50km from Mugul Sarai)
From Bhabhua Road to Adhoura is another 55 km, buses are available but limited service. There are many trains from Delhi pl see the train schedule. From any direction pl take train to Mugul Sarai or Bhabhua Road. Pl intimate us before so that we can guide you properly. 
-- 

इन्कलाब जिन्दाबाद!                                                                    आदिवासी दलित एकता जिन्दाबाद!                           महिला  मजदूर एकता जिन्दाबाद!

                      वनसम्पदा हमारा जन्मसिद्ध हमारा अधिकार है                                              जल जंगल जमीन  ये हो जनता के अधीन                    
जो ज़मीन   सरकारी है,  वो ज़मीन  हमारी है

11 अक्तूबर 2012  वनाधिकार रैली (अधौरा प्रखंड , कैमूर-बिहार)                                        
12 अक्तूबर 2012 कैमूर क्षेत्र का सम्मेलन (बिहार, उत्तरप्रदेश व झाड़खंड़)
 स्थान:   डा0 विनयन आश्रम, अधौरा प्रखंड , बिहार, समय 11 .00 बजे प्रात:
Inline image 1

हम वनवासी जंगलों में रहने वाले, नदियों का जल पीने वाले, जंगल से उपजे कंदमूल खाने वाले, हमारी जिंदगी जंगलों से है। जंगल है तो हम है, और आज जिस सभ्यता के संकट से हम गुजर रहे हैं अगर हम नही रहे तो जंगल भी नही रहेगें। वनाधिकार कानून हमारी नही हमसे ज्यादा आपकी जरूरत है। अगर आप सोचते हैं हैं कि आप हमें हक दे रहें हैं तो यह गलत सोच है। हम सदियों से जंगलों में है इन जंगलों में हमारे पूर्वजों की आत्मा, हमारे देवता और हमारा जीवन निहित है। हम हक़ की परिभाषा नही जानते हक को सिर्फ लेना जानते हैं। आप अगर हमसे हक की बात करना चाहते हैं तो हम भी पीछे नही हटेंगे। यह आपकी मजबूरी है कि आप हमारे इस हक को माने, लेकिन अगर चंद कागज के टुकडों से आप थोडे़ से जंगल पर हम समुदायों के हक़ मान कर बाकी जंगलों का व्यापार करना चाहते हैं, तो आप गलत है। हम आपकी मंशा और इरादों को जानते हैं और जंगलों को आपकी इस तकनीक और विकास की दुनिया से बचा कर रहेंगे। इसलिए सरकार,प्रशासन, वनविभाग, दबंगों, ठेकेदारों, वनमाफिया द्वारा जंगलों को जो हमसे छीनने की कोशिश की जा रही है हम उसे हम कामयाब नहीं होने देगें और हमनें तय किया है कि अपने जंगलों पर वनाधिकार कानून को लागू करने के लिए हमें ही अपनी कमर कसनी होगी। अपने इस आंदोलन को तेज़ करने के लिए हम तमाम कैमूर निवासी ११  अक्टूबर को अधौरा जिला कैमूर के प्रखंड मुख्यालय पर इक्कठ्ठा होकर एक विशाल रैली निकालेंगे। और 12 अक्टूबर 2012 को कैमूर बिहार, यू0पी0 और झारखण्ड के आदिवासियों के आयोजित सम्मेलन अपने वनों को अपने नियंत्रण में लेने की रणनीति बनाएगें।  
बिहार के अति आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र अधौरा प्रखंड के सभी पंचायतों में वनाधिकार अधिनियम के तहत  अधिकारियों द्वारा ग्राम  वनाधिकार समितियों का गठन गैरकानूनी ढ़ग से किया गया है। 2 सितम्बर अधौरा में कैमूर मुक्ति मोर्चा व राष्ट्रीय वन जन श्रमजीवी मंच कार्यालय पर जुटे हजारों आदिवासियों ने निर्णय लिया की हम पूर्व में गठित वनाधिकार समितियोंको नहीं मानते हम अब गावं गावं में अपनी वनाधिकार समितियों का गठन करेगें । इस प्रखंड के सभी गावों में आदिवासियों का घोर शोषण दबंगों द्वारा किया जा रहा है। इस प्रखंड में सभी सरकारी विभागों में अधिकारी किसी भी विभागीय काम को नहीं कर रहें हैं। सरकारी धन की लूट मची हुई है। न्याय व् इंसाफ नाम की कोई चीज इस प्रखंड में दिखाई नहीं दे रही है। पांच पीढ़ी से अधिक का समय गुजर चुका है अपने हक़, अधिकार, अस्तित्व, अस्मिता और पहचान के संघर्ष में परन्तु आज तक प्राकृतिक संसाधनों पर हमें सार्वभौम अधिकार नहीं मिले हैं। हम आदिवासियों, बनवासियों की शहादतें इतिहास के पन्नों में भरी पडी है। हम अपने समाज समुदाय, सभ्यता व संस्कृति को बचाने के लिए लगातार कुर्बानी देते आ रहे हैं। बाबा तिलकामाझी, बीर सिद्ध कान्हू, चांद भैरव ,नीलाम्बर ,पीताम्बर ,सिंगराय, विन्दराय, शहीद बिरसा मुण्डा, गया मुण्डा, बीर बुधू भगत, जतरा टाना भगत, वीरांगना मांकी झानों, देवमनी बीर रोमना, उरांव आदिवासी वीरांगना सिंनगी दई,  सहित हमारे बीच के हजारों क्रान्तिकारियों ने शहादत दी। इस शहादत को हम लोग बेकार नहीं सिद्ध होने देगें। हम अपने अधिकार लड़ कर लेने की ताकत आज भी रखते हैं। भारत देश के पूर्व जितनी जंगल एवं जमींन की लूट नही हुई, उससे कहीं ज्यादा आजादी के बाद से अब तक लूटा गया और लूटा जा रहा है। इस लूट को रोकने का दायित्व अब हमारे उपर है। इस लूट को हम अपने वनाधिकार कानून से ही रोक सकते हैं।
भारतीय संसद ने वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत वनवासियों को व्यापक अधिकार दिए हैं जिसमें वनविभाग, बिचैलियों व ठेकेदारों को हटा कर आदिवासी व अन्य परम्परागत समुदायों के वनों पर नियंत्रण की आदेश भी आदिवासी मंत्रालय द्वारा पारित किए जा चुके हैं। लेकिन सरकार व प्रशासन द्वारा इस कानून को पारित करने की राजनैतिक इच्छा नहीं दिखाई जा रही है। स्थानीय स्तर पर वन विभाग, कतिपय प्रशासनिक अधिकारियों कुछ सामंतों द्वारा विशिष्ठ कानून को ठेंगा दिखाया जा रहा है। इन लोगों द्वारा कानून के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को बाधित करने का काम किया जा रहा है। वनाधिकार कानून के तहत वन समुदायों को मान्यता प्राप्त अधिकार सौंपने के बजाय लोगों को जंगल क्षेत्रों से बेदखली के आदेश जारी किये जा रहे हैं। मुकद्मों में फंसाया जा रहा है। वन विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ऐसा करके वन समुदायो को एक बार फिर उन्हीं ऐतिहासिक अन्यायों की भट्ठी में झोंकने का काम खुलेआम किया जा रहा है। ऐसा करके यह सरकारी विभाग वनाधिकार कानून का सीधा उल्लंघन कर रहे है। लेकिन अब ऐसा अब हम लोग होने नहीं देगें और सरकार व प्रशासन को इस कानून का पाठ पढ़ाकर कर ही छोड़गें।
इन्हीं सब मुद्दों को ध्यान में रखते हुये आप सबसे अनुरोध है कि 11 अक्टूबर 2012 को अधौरा कैमूर में ज्यादा से ज्यादा संख्या में एकत्र होकर अपना विरोध जतायें। 12 अक्टूबर 2012 को तीनों राज्यों के कैमूर सम्मेलन होगा इस कार्याक्रम में देश के गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे जैसे बी0डी0 शर्मा (एस.सी./एस.टी. कमीश्नर भारत सरकार), दिलीप सिंह भूरिया (भूतर्पूव सांसद, अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग), अशोक चैधरी (महासचिव राष्ट्रीय वनजन श्रम जीवी मंच), डी-थंक्कपन (अध्यक्ष, एन.टी.यू.आई)।
कैमूर मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय वन-जन श्रमजीवी मंच, कैमूर क्षेत्र महिला मजदूर किसान संघर्ष समिति
संपर्क :- बालकेश्वर - 09471915418, राजेन्द्र उरांव - 09431835404  महेन्द्र-08986109461,रोमा-09415233583,  शान्ता-09451066468,
 

















--
NATIONAL FORUM OF FOREST PEOPLE AND FOREST WORKERS, (N.F.F.P.F.W.)
Homeguard Commandant Office
Saraswati Vihar, Near Kargi Chowk
Haridwar Bypass
DEHRADUN - 248001 (Uttrakhand)
Contact : 09412990913 (Munni Lal) 09412348071 (Vipin Gairola)

No comments:

मैं नास्तिक क्यों हूं# Necessity of Atheism#!Genetics Bharat Teertha

হে মোর চিত্ত, Prey for Humanity!

मनुस्मृति नस्ली राजकाज राजनीति में OBC Trump Card और जयभीम कामरेड

Gorkhaland again?আত্মঘাতী বাঙালি আবার বিভাজন বিপর্যয়ের মুখোমুখি!

हिंदुत्व की राजनीति का मुकाबला हिंदुत्व की राजनीति से नहीं किया जा सकता।

In conversation with Palash Biswas

Palash Biswas On Unique Identity No1.mpg

Save the Universities!

RSS might replace Gandhi with Ambedkar on currency notes!

जैसे जर्मनी में सिर्फ हिटलर को बोलने की आजादी थी,आज सिर्फ मंकी बातों की आजादी है।

#BEEFGATEঅন্ধকার বৃত্তান্তঃ হত্যার রাজনীতি

अलविदा पत्रकारिता,अब कोई प्रतिक्रिया नहीं! पलाश विश्वास

ভালোবাসার মুখ,প্রতিবাদের মুখ মন্দাক্রান্তার পাশে আছি,যে মেয়েটি আজও লিখতে পারছেঃ আমাক ধর্ষণ করবে?

Palash Biswas on BAMCEF UNIFICATION!

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS ON NEPALI SENTIMENT, GORKHALAND, KUMAON AND GARHWAL ETC.and BAMCEF UNIFICATION! Published on Mar 19, 2013 The Himalayan Voice Cambridge, Massachusetts United States of America

BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Imminent Massive earthquake in the Himalayas

Palash Biswas on Citizenship Amendment Act

Mr. PALASH BISWAS DELIVERING SPEECH AT BAMCEF PROGRAM AT NAGPUR ON 17 & 18 SEPTEMBER 2003 Sub:- CITIZENSHIP AMENDMENT ACT 2003 http://youtu.be/zGDfsLzxTXo

Tweet Please

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS BLASTS INDIANS THAT CLAIM BUDDHA WAS BORN IN INDIA

THE HIMALAYAN TALK: INDIAN GOVERNMENT FOOD SECURITY PROGRAM RISKIER

http://youtu.be/NrcmNEjaN8c The government of India has announced food security program ahead of elections in 2014. We discussed the issue with Palash Biswas in Kolkata today. http://youtu.be/NrcmNEjaN8c Ahead of Elections, India's Cabinet Approves Food Security Program ______________________________________________________ By JIM YARDLEY http://india.blogs.nytimes.com/2013/07/04/indias-cabinet-passes-food-security-law/

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS TALKS AGAINST CASTEIST HEGEMONY IN SOUTH ASIA

THE HIMALAYAN VOICE: PALASH BISWAS DISCUSSES RAM MANDIR

Published on 10 Apr 2013 Palash Biswas spoke to us from Kolkota and shared his views on Visho Hindu Parashid's programme from tomorrow ( April 11, 2013) to build Ram Mandir in disputed Ayodhya. http://www.youtube.com/watch?v=77cZuBunAGk

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS LASHES OUT KATHMANDU INT'L 'MULVASI' CONFERENCE

अहिले भर्खर कोलकता भारतमा हामीले पलाश विश्वाससंग काठमाडौँमा आज भै रहेको अन्तर्राष्ट्रिय मूलवासी सम्मेलनको बारेमा कुराकानी गर्यौ । उहाले भन्नु भयो सो सम्मेलन 'नेपालको आदिवासी जनजातिहरुको आन्दोलनलाई कम्जोर बनाउने षडयन्त्र हो।' http://youtu.be/j8GXlmSBbbk

THE HIMALAYAN DISASTER: TRANSNATIONAL DISASTER MANAGEMENT MECHANISM A MUST

We talked with Palash Biswas, an editor for Indian Express in Kolkata today also. He urged that there must a transnational disaster management mechanism to avert such scale disaster in the Himalayas. http://youtu.be/7IzWUpRECJM

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS CRITICAL OF BAMCEF LEADERSHIP

[Palash Biswas, one of the BAMCEF leaders and editors for Indian Express spoke to us from Kolkata today and criticized BAMCEF leadership in New Delhi, which according to him, is messing up with Nepalese indigenous peoples also. He also flayed MP Jay Narayan Prasad Nishad, who recently offered a Puja in his New Delhi home for Narendra Modi's victory in 2014.]

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS CRITICIZES GOVT FOR WORLD`S BIGGEST BLACK OUT

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS CRITICIZES GOVT FOR WORLD`S BIGGEST BLACK OUT

THE HIMALAYAN TALK: PALSH BISWAS FLAYS SOUTH ASIAN GOVERNM

Palash Biswas, lashed out those 1% people in the government in New Delhi for failure of delivery and creating hosts of problems everywhere in South Asia. http://youtu.be/lD2_V7CB2Is

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS LASHES OUT KATHMANDU INT'L 'MULVASI' CONFERENCE

अहिले भर्खर कोलकता भारतमा हामीले पलाश विश्वाससंग काठमाडौँमा आज भै रहेको अन्तर्राष्ट्रिय मूलवासी सम्मेलनको बारेमा कुराकानी गर्यौ । उहाले भन्नु भयो सो सम्मेलन 'नेपालको आदिवासी जनजातिहरुको आन्दोलनलाई कम्जोर बनाउने षडयन्त्र हो।' http://youtu.be/j8GXlmSBbbk