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Thursday, June 23, 2011

Fwd: भाषा,शिक्षा और रोज़गार



---------- Forwarded message ----------
From: भाषा,शिक्षा और रोज़गार <eduployment@gmail.com>
Date: 2011/6/23
Subject: भाषा,शिक्षा और रोज़गार
To: palashbiswaskl@gmail.com


भाषा,शिक्षा और रोज़गार


यूपीःलुम्बा की जनरल सीटें फुल, आईएमएस के तीन कोर्स का नहीं खुला खाता

Posted: 22 Jun 2011 11:21 AM PDT

लखनऊ विविद्यालय के एक ही कोर्स को लेकर छात्रों के नजरिये में फर्क है। एमबीए की सीटों को भरने के लिए काउंसलिंग के पहले ही दिन इसका नजारा देखने को मिला। 330 सीटों को भरने के लिए 230 छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया में तो हिस्सा लिया, लेकिन बाद में सिर्फ 163 ने ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी की। लविवि के व्यवसाय प्रबंध विभाग (लुम्बा) के दो कोर्स की सामान्य श्रेणी की सभी 60 सीटें फुल हो गयीं, लेकिन प्रबंध विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के तीन कोर्स का खाता भी नहीं खुला और एमबीए इन रूरल डेवलम्पमेंट में सिर्फ एक छात्र ने ही अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी की। एमबीए में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में दो दिन सामान्य श्रेणी के लिए रखे गये हैं। विविद्यालय ने लुम्बा के एमबीए ई बिजनेस के कोर्स को बदलकर एमबीए कर दिया है और अब इसकी 60 सीटों पर प्रवेश स्ववित्तपोषित फीस में होंगे। काउंसलिंग में प्रवेश लेने वाले सामान्य श्रेणी के सभी बच्चों की प्राथमिकता लुम्बा के दोनों कोर्स रहे। इसके बाद उन्होंने आईएमएस के दो कोर्स एमबीए आईबी व एमबीए एचआर को रखा और दोनों पाठ्यक्रमों में 22 सीटें भर गयी हैं। एक प्रवेश एमबीए रूरल डेवलपमेंट में हुआ है। एमबीए कारपोरेट मैनेजमेंट, एमबीए एग्री बिजनेस और एबीए रिटेल मैनेजमेंट में प्रवेश के लिए छात्रों ने किनारा रखा। अब काउंसलिंग के दूसरे दिन प्रतीक्षा सूची द्वितींय के 651 से 1627 रैंक तक के अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि करीब 70 छात्रों ने प्रवेश लेने से किनारा कर लिया है और कोर्स समझ में न आने के लिए कुछ भी फीस भी मौके पर ही लौटा दी गयी है। विविद्यालय के द्वितीय परिसर स्थित आईएमएस भवन में काउंसलिंग सुबह नौ बजे से ही शुरू हो गयी थी। छात्रों की सहूलियत के लिए यूको बैंक व भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं ने अपने काउंटर लगा रखे थे, उनकी मांग पर तत्काल बैंक ड्राफ्ट भी जारी हुए, लेकिन छात्रों के रुख को लेकर विविद्यालय के अधिकारी सकते हैं हालांकि उन्होंने एमबीए की सभी सीटों को भर जाने की उम्मीद जतायी है(राष्ट्रीय सहारा,लखनऊ,22.6.11)।

बिहारः विवि शिक्षकों की नियुक्ति में देरी से हाईकोर्ट ख़फा़

Posted: 22 Jun 2011 11:19 AM PDT

पटना हाइकोर्ट ने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की. न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की अध्यक्षता वाले खंडपीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा, बार-बार कहने के बावजूद नियुक्ति नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है.

मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी. इधर, कुलाधिपति की ओर से हाइकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा गया कि विश्वविद्यालयों में रेशनलाइजेशन को अंतिम रूप देने के लिए राजभवन व राज्य सरकार के बीच 27 जून को वार्ता होगी.
इससे पहले राज्य सरकार ने शपथपत्र दायर कर कोर्ट को बताया था कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के तीन हजार पद खाली हैं. रेशनलाइजेशन को लेकर ही नियुक्ति प्रक्रिया लंबित है. राजभवन से वार्ता के लिए मानव संसाधन विकास विभाग ने शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनायी है(प्रभात खबर,पटना,22.6.11).

बिहार में 34 पॉलिटेक्निक खुलेंगे

Posted: 22 Jun 2011 11:17 AM PDT

विज्ञान व प्रावैधिकी मंत्री गौतम सिंह ने डिप्लोमा फाइनल का परीक्षाफल जारी करते हुए कहा कि सूबे में 34 नये पॉलिटेक्निक खुलेंगे. पॉलिटेक्निक विहीन 28 जिलों में एक-एक पॉलिटेक्निक खोलने के साथ ही छह पिछड़े जिलों में छह अतिरिक्त कॉलेज खोले जायेंगे.

अधिकतर पॉलिटेक्निक के लिए जमीन चिन्हित कर ली गयी है. पॉलिटेक्निक के लिए पांच एकड़ जमीन देनेवाले के नाम पर पॉलिटेक्निक का नाम होगा.

अब तक छह लोगों ने अपनी जमीन उपलब्ध करायी है. शिवहर, वैशाली व सीतामढ़ी में जमीन दान का प्रस्ताव मिला है. नालंदा, लखीसराय, रोहतास, कटिहार, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर और मधुबनी में जमीन राजस्व विभाग से हस्तांतरित कर दी गयी है(प्रभात खबर,पटना,22.6.11).

लखनऊ विवि को भी गच्चा दे रहे डिग्री कालेज

Posted: 22 Jun 2011 11:16 AM PDT

लखनऊ विविद्यालय से सहयुक्त महाविद्यालय भी उसे दांव दे रहे हैं। विविद्यालय के परीक्षा विभाग ने इस खेल को पकड़ा। राजेन्द्र प्रसाद डिग्री कालेज ने स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम की मान्यता के बाद भी रेग्युलर कोर्स का शुल्क जमा कराया। मामला पकड़ में आने पर महाविद्यालय ने बढ़ी धनराशि तो जमा करा दी है, लेकिन ऐसी आशंका जतायी जा रही है कि विविद्यालय में परीक्षा विभाग की मिलीभगत से कई वर्ष से यह खेल चल रहा है और इसमें तमाम डिग्री कालेजों के लिप्त होने की आशंका भी जतायी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि सभी महाविद्यालयों की जांच करायी जाए तो इस खेल के बड़े स्तर से पर्दा हटाया जा सकता है। विविद्यालय में स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के लिए महाविद्यालयों को परीक्षा शुल्क के रूप में 1000 रुपये और रेग्युलर कोर्स के लिए 750 रुपये फीस जमा करायी जाती है। छात्रों के फार्म व उनकी फीस एकमुश्त विविद्यालय में जमा होती है। छात्रों के परीक्षा फार्म की जांच तो कर ली जाती है, लेकिन उसके साथ आये ड्राफ्ट को सीधे विविद्यालय के खाते में जमा कराया दिया था। विविद्यालय के परीक्षा विभाग ने एक डिग्री कालेज से आये फार्म का सत्यापन किया तो प्रति छात्र फीस में 250 रुपये की कमी मिली। विविद्यालय ने महाविद्यालय के फार्म रोक लिए और फीस की अंतर धनराशि जमा न होने पर परीक्षाफल न जारी करने की चेतावनी दी है। कम फीस की गिरफ्त में आये महाविद्यालय ने आनन-फानन अंतर धनराशि विविद्यालय में जमा करा दी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह खेल बड़े पैमाने पर विविद्यालय के निचले स्तर पर कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहा है। इसी महाविद्यालय की ओर से यह कारनामा कब से हो रहा है, यह जांच होने के बाद ही पता चलेगा। विविद्यालय के सूत्रों का कहना है कि निजी क्षेत्र के 50 से ज्यादा महाविद्यालयों को स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी मिली है, लेकिन परीक्षा फार्म का शुल्क नियमित कोर्स वाला ही अदा दिया जा रहा है। इसकी वजह से पिछले कई वर्ष से विविद्यालय को चपत लग रही है, लेकिन इस बारे में कर्मचारी तो मुंह खोलने से परहेज कर रहे हैं और अधिकारी भी पल्ला झाड़ते नजर आये। लखनऊ विविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. एसके द्विवेदी का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है। विविद्यालय को डार्क में रखने वाले डिग्री कालेजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक बाहर हैं, उनके लौटने पर ही इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कुछ कहा जा सकेगा, लेकिन यह गलत है(कमल तिवारी,राष्ट्रीय सहारा,लखनऊ,22.6.11)।

झारखंडःपांच विभागों में 589 पद सृजन पर सहमति

Posted: 22 Jun 2011 11:14 AM PDT

झारखंड सरकार ने पांच विभागों के लिए 589 पदों की सहमति दे दी है. कल्याण, गृह, विधि, सांस्थिक वित्त, राष्ट्रीय बचत, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की ओर से प्रशासी पद वर्ग समिति के लिए 1319 पदों के सृजन के लिए संचिका भेजी गयी थी. समिति ने इनमें से 589 पदों के सृजन की मंजूरी दी. कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति, जनजाति आवासीय विद्यालय जो स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित होते हैं, उसके लिए पदों पर नियुक्ति नहीं करने का फ़ैसला लिया गया.नक्सल प्रभावित जिलों में स्थापित होनेवाले नौ नये आश्रम विद्यालयों के 243 पदों पर किसी तरह की चर्चा नहीं की गयी.

इसी प्रकार गृह विभाग की ओर से 188 थानों में 376 रसोइया और 188 जल वाहकों के पदों के सृजन के औचित्य की समीक्षा कर संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया. झारखंड सशस्त्र पुलिस की वाहिनियों में 19 अवर निरीक्षक के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया, जबकि 191 सहायक अवर निरीक्षक के पदों पर फिर से प्रस्ताव देने का निर्देश दिया गया. राज्य अग्निशमन सेवा के लिए 280 पदों के लिए फिर से प्रस्ताव देने का आदेश दिया गया.पदवर्ग समिति ने कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मियों के लिए भी अपनी सहमति दे दी है.
राज्य हज समिति के लिए राजपत्रित और अराजपत्रित पदों का सृजन, संविदा के आधार पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद, राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के लिए राजपत्रित और अराजपत्रित पद, लातेहार के महुआटांड़ अनुमंडल, पश्चिमी सिंहभूम के जगन्नाथपुर और गढ़वा के रंका अनुमंडल के लिए विभिन्न पद, गोड्डा के बसंत राय ओपी थान, गोड्डा के राजाजी भट्ठा थाना, ललमटिया थाना, ध्रुव हेलीकॉप्टर के इंजीनियर और तकनीशियन के पद, उप कारा रामगढ़, बरही, नगर उंटारी के लिए विभिन्न पद, क्षेत्रीय पशुपालन एवं मत्स्य मुख्यालय और अन्य पदों की स्वीकृति दी गयी.
(दीपक,प्रभात खबर,रांची,22.6.11) -

यूपीःटीजीटी परीक्षा परिणाम घोषित

Posted: 22 Jun 2011 11:12 AM PDT

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की लिखित परीक्षा में मंगलवार को आठ विषयों का परिणाम घोषित कर दिया गया है। बोर्ड के उपसचिव नवल किशोर ने बताया कि कला में 871, जीव विज्ञान में 810, सामाजिक विज्ञान 2067, शारीरिक शिक्षा में 580, गृह विज्ञान म् 285, वाणिज्य में 135 एवं संगीत विषय में 174 अभ्यर्थी सफल हुए हैं(राष्ट्रीय सहारा,इलाहाबाद,22.6.11)।

कोयलांचल के छात्रों का नया गुरु है इंटरनेट

Posted: 22 Jun 2011 11:10 AM PDT

इंटरनेट आज स्कूल-कॉलेज के छात्रों का आधुनिक गुरु बन गया है. जब चाहें, जहां चाहें ऑनलाइन हो गये. जरूरत एक अदद लेप टॉप और डाटा कार्ड की है. सच कहा जाए, तो लेप टॉप और डाटा कार्ड किशोरों एवं युवाओं के गैजेट्स में शामिल हो गया है.
इससे कई काम आसान हो जाते हैं-सोशल स्टेट्स, जानकारी से संपन्न होना, अपनी आवश्यकता के हिसाब से उपयोग. अभिभावक भी अपने बच्चों को ये चीजें उपलब्ध करा रहे हैं. अपने विषयवस्तु का समग्र अवलोकन तथा ज्ञानवर्धन में यह काफी सहायक सिद्घ हो रहा है. आज कॉलेज के साथ स्कूल के भी छात्र साइबर कैफे का रुख कर रहे हैं. वजह एक समय में ढेर सारी जानकारियां.

जब से लेप टॉप का बाजार सस्ता हुआ है, छात्रों की परेशानी काफी कम हो गयी है. लेप टॉप के साथ ब्रॉडबैंड कनेक्शन या फिर डाटा कार्ड बाजार में उपलब्ध है. इस बारे में प्रभात खबर ने कुछ छात्रों से बात की, तो पता चला कि आज कॉपी-कलम की जगह छात्र लेप टॉप में ही तमाम डाटा और नोट्स संग्रह करना ज्यादा पसंद करते हैं.
कोयलांचल में लैपटॉप का बाजार बूम पर है. सालाना13 करोड़ 20 लाख का कारोबार होता है. इंटरनेट के बढ़ते क्रेज से लेप टॉप का डिमांड काफी बढ़ गया है. धनबाद कोयलांचल में लगभग 40 रिटेलर हैं. डेल कंपनी को छोड़ कर अन्य सभी कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर्स रांची में हैं. धनबाद कोयलांचल में प्रतिमाह करीब 500 लैपटॉप बिकते हैं. इसमें 150 पीस डेल, 100 पीस एचसीएल, 60 पीस लेनेवो एवं शेष लेप टॉप सैमसंग, एसीइआर, सोनी व तोषिबा आदि कंपनियों के बिकते हैं.
बाजार में नेट बुक (मिनी लेपटॉप) ऑन डिमांड है. नेट बुक लेप टॉप को छात्र हाथों हाथ ले रहे हैं. कीमत भी ज्यादा नहीं. 15 हजार केलगभग. कल्याणी इंटरप्राइजेज के संचालक गोपाल भट्टाचार्या की मानें तो लैपटॉप के बाजार में आने से डेसटॉप का बाजार काफी गिर गया है. 70 प्रतिशत लेपटॉप व 30 प्रतिशत डेसटॉप का बाजार है. इंजीनियरिंग, मेडिकल व मैनेजमेंट के छात्रों के बीच लेप टॉप की डिमांड अधिक है. इंश्योरेंस एजेंट व प्राइवेट संस्थानों में भी लेप टॉप की डिमांड है. बाजार में 22 हजार से लेकर 65 हजार तक के लेप टॉप बिकते हैं.
(रवि मिश्रा और सुधीर सिन्हा,प्रभात खबर,धनबाद,22.6.11) -

डीयू : खालसा में कटऑफ 93.75 फीसद

Posted: 22 Jun 2011 11:03 AM PDT

दिल्ली विविद्यालय से सम्बद्ध कॉलेजों में दाखिले के लिए जारी कट ऑफ में कुछ कॉलेजों में गलती कर दी है। डीयू के नार्थ कैम्पस के एसजीटीबी खालसा कॉलेज में बीकॉम की कट ऑफ 93.75 फीसद है। जबकि कॉलेज द्वारा भूलवश इसे 94.25 फीसद घोषित कर दिया गया। इसी प्रकार पीजीडीएवी सांध्य कॉलेज द्वारा भी ओबीसी की कट ऑफ में दी जाने वाली छूट में गलती हो गई। दरअसल कॉलेज द्वारा कट ऑफ में पांच फीसद की छूट घोषित कर दी गई थी, लेकिन कॉलेज द्वारा कट ऑफ में 10 फीसद छूट दी जा रही है(राष्ट्रीय सहारा,दिल्ली,22.6.11)।

पाठ्यक्रम छोड़ने वाले छात्र को दोबारा प्रवेश से रोका जा सकता है : दिल्ली हाईकोर्ट

Posted: 22 Jun 2011 11:02 AM PDT

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी पेशेवर पाठ्यक्र म के बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र को दोबारा उसी कोर्स में प्रवेश लेने से रोका जा सकता है जब तक कि कोर्स की अवधि पूरी नहीं हो जाती, क्योंकि ऐसा करने से एक सीट बेकार होगी और किसी अन्य छात्र को मौका नहीं मिलेगा।द्म न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला और न्यायमूर्ति जीपी मित्तल की पीठ ने गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विविद्यालय के फैसले को बरकरार रखा जिसमें उसने एक छात्र को मेडिसिन में परास्नातक कोर्स में इस आधार पर प्रवेश से इनकार कर दिया गया था कि उसने पिछले अकादमिक वर्ष में कोर्स छोड़ दिया था। अदालत ने डॉ. मुवीन कुमार की याचिका को खारिज कर दिया जिन्होंने विविद्यालय के फैसले को चुनौती दी थी। इससे पहले हाईकोर्ट की एकल न्यायाधीश की पीठ ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था(राष्ट्रीय सहारा,दिल्ली,22.6.11)।

डीयू के इन कॉलेजों में लगा हाउसफुल का बोर्ड

Posted: 22 Jun 2011 11:00 AM PDT

बीकॉम ऑनर्स में - श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, डीसीएसी, दौलतराम कॉलेज, दयाल सिंह कॉलेज, हिन्दू कॉलेज, जीसस एंड मेरी कॉलेज, रामजस कॉलेज, शिवाजी कॉलेज, शहीद भगत सिंह कॉलेज। अर्थशास्त्र ऑनर्स- श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, डीसीएसी, दौलतराम कॉलेज, हिन्दू कॉलेज, आईपी कॉलेज, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज, जीसस एंड मेरी कॉलेज, लक्ष्मीबाई कॉलेज, मैत्रीय कॉलेज, पीजीडीएवी कॉलेज, रामजस कॉलेज, सत्यवती कॉलेज, एसजीटीबी खालसा कॉलेज(राष्ट्रीय सहारा,दिल्ली,22.6.11)।

डीयू में दाखिले की होड़ःकॉलेज चाहिए मनचाहा, भले कोर्स हो अनचाहा

Posted: 22 Jun 2011 10:57 AM PDT

दिल्ली विविद्यालय के टॉप कॉलेजों में दाखिला लेने की चाह में विद्यार्थी उन कोसरे में दाखिले लेने को भी तैयार हैं, जिन विषयों को उन्होंने पढ़ा तक नहीं। विद्यार्थी ने स्कूल में क्या पढ़ा और अब क्या पढ़ेंगे इसकी चिंता विद्यार्थियों को नहीं है। बस उन्हें टॉप कॉलेज में दाखिला चाहिए। दाखिला प्रक्रिया में कट ऑफ कम होने की स्थिति में कई विद्यार्थी ऐसे फैसले ले रहे हैं। ये स्थिति कॉमर्स के विद्यार्थियों में देखने को मिल रही है। वे कम अंक होने के चलते या फिर कला या फिर साइंस पाठय़क्रमों में दाखिला लेने की सोच रहे हैं। कॉलेज प्राचायरे का कहना है कि विद्यार्थी किसी भी स्थिति में डीयू कॉलेज से स्नातक कोर्स करना चाहते हैं, उस पर वे मनचाहे कॉलेज में भी दाखिला लेने चाहते हैं। ऐसे में मनचाहा कॉलेज तो विद्यार्थियों को मिल रहा है, लेकिन कोर्स नहीं मिल पा रहा है। डीयू के हंसराज कॉलेज में कट ऑफ देखने पहुंचे छात्र विनय आनंद ने कहा कि वे कॉमर्स हंसराज में बीकॉम ऑनर्स की कट ऑफ काफी ज्यादा है और उनकी कट ऑफ 73 फीसद है, ऐसे में वे हिन्दी ऑनर्स कोर्स में ही दाखिला ले सकते हैं। इसी प्रकार किरोड़ीमल कॉलेज में सेकेंड कट ऑफ सूची देखने पहुंचे छात्र रोहन जुनेजा ने कहा कि वे कॉमर्स स्ट्रीम से हैं, लेकिन कॉमर्स की कट ऑफ सभी कोर्सेज में सबसे अधिक है और उनका 85 फीसद है, लेकिन पढ़ना वे किरोड़ीमल कॉलेज में चाहते हैं तो ऐसे में वे यहां राजनीति शास्त्र ऑनर्स में दाखिला लेंगे। यहां इस कोर्स में कट ऑफ 85-94.75 फीसद निकाली गई है। दौलतराम कॉलेज में आई शिवानी गुप्ता ने कहा कि वैसे तो वे कॉमर्स स्ट्रीम की हैं और कॉमर्स ही करना चाहती हैं लेकिन पढ़ाई करने का मन नॉर्थ कैम्पस के दौलतराम कॉलेज में है। उनका 77 फीसद है, ऐसे में वे फिलॉस्फी ऑनर्स में भी दाखिला ले सकती हैं। उन्होंने कहा कि कोर्स करने में आने वाली दिक्कत पूछे जाने पर वह कहती हैं कि जब कॉमर्स जैसे मुश्किल विषय कर लिया तो वे फिलॉस्फी भी कर लूंगी। हिन्दू कॉलेज में दूसरी कट ऑफ देखने पहुंचीं छात्रा ेता खुराना ने कहा कि कॉलेज में वे बीकॉम ऑनर्स व ईको ऑनर्स में दाखिले की आस लगाए बैठीं थीं लेकिन कॉलेज ने दोनों पाठय़क्रमों में दाखिला बंद कर दिया है, ऐसे में 87 फीसद में यहां फिलॉसफी ऑनर्स में दाखिला मिल सकेगा। उनका कहना है कि वे नार्थ कैम्पस के कॉलेज में ही दाखिला चाहती हैं, इस कारण उन्होंने कोर्स बदलने तक का फैसला लिया है। मिरांडा हाउस में दूसरी कट ऑफ देखने पहुंचीं शमिता ने कहा कि वे कॉमर्स स्ट्रीम की हैं लेकिन कॉमर्स में नो एंट्री का बोर्ड लग गया है। उनकी इच्छा मिरांडा हाउस में ही पढ़ने की है, ऐसे में इस कॉलेज में वे फिजिकल साइंस ऑनर्स में दाखिला लेंगी(राकेश नाथ,राष्ट्रीय सहारा,दिल्ली,22.6.11)।

सुपर-30 के आनंद कुमार पर जापानी पुस्तक में एक अध्याय शामिल

Posted: 22 Jun 2011 06:30 AM PDT

जापानी पुस्तक 'इंडो नो शोगेकी' के एक अध्याय में सुपर-30 के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार का जिक्र किया गया है। जापानी प्रकाशक द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'इंडो नो शोगेकी' में आनंद कुमार के संघर्षमय जीवन और उनकी उपलब्धियों पर एक अध्याय शामिल किया गया है।
पुस्तक 'इंडो नो शोगेकी' की कीमत 1800 एन है, जिसको जापान के मशहूर चैनल एनएचके के विशेष रिपोर्टरों की एक टीम द्वारा लिखी गई है। इस पुस्तक में भारत में कैसे और क्यों इतना विकास हो रहा है, उसकी आर्थिक स्थिति में आए सुधार की चर्चा की गई है। पुस्तक में भारत में जो बदलाव आ रहा है उसमें शिक्षा की भूमिका और शिक्षा के क्षेत्र में आनंद कुमार जैसे लोगों के योगदान की चर्चा की गई है। आनंद कुमार को पुस्तक में एक ऐसा शिक्षक बताया गया है जो कभी पैसे के अभाव में कैंब्रिज में अपनी पढाई नहीं कर सके, बावजूद इसके संघर्ष करते हुए गरीबों तक उच्च शिक्षा पहुंचा रहा है।

आनंद कुमार ने बताया कि पूर्व में जापानी टीवी चैनल कानसाई टेलिकास्टिंग कार्पोरेशन के निदेशक यूता अम्मा सहित कई अन्य टीवी चैनलों और समाचार पत्रों के प्रतिनिधि पटना आकर उनकी संस्था सुपर-30 पर वृत्तचित्र बनाई है।
उल्लेखनीय है कि गणितज्ञ आनंद की सुपर-30 से प्रत्येक वर्ष बडी संख्या में छात्र-छात्राएं आईआईटी सहित इंजीनियरिंग की अन्य प्रवेश परीक्षा में चयनित होते हैं(दैनिक ट्रिब्यून,22.6.11)।

हरियाणा बोर्डःछात्र किसी भी समय ले सकते हैं बारहवीं की मार्कशीट

Posted: 22 Jun 2011 06:10 AM PDT

अब दिली व अन्य वश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को बारहवीं पास की मार्कशीट के अभाव में दाखिले से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। हरियाणा बोर्ड ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि विद्यार्थी चौबीसों घंटे किसी भी समय बोर्ड कार्यालय से अपनी मार्कशीट ले सकते हैं।
अब हरियाणा बोर्ड से बारहवीं पास विद्यार्थियों को अपनी मार्कशीट के लिए छुट्टियां बीतने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब किसी भी समय यानी बिना कार्यालय समय के भी विद्यार्थी अपनी मार्कशीट ले सकते हैं। अपने नए-नए फैसलों को लेकर चर्चित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने एक बार फिर से नया फैसला लिया है। यह फैसला उन विद्यार्थियों के लिए है जो कि किसी कालेज में दाखिला लेना चाहते हैं। ऐसे बच्चों को बोर्ड से अपनी बारहवीं पास की डीएमसी लेने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा बल्कि उन्हें किसी भी वक्त डीएमसीकुछ मिनटों में बोर्ड कार्यालय से मिल जाएगी।
अभी तक देखने में आया है कि कालेजों में दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों को बारहवीं का रिजल्ट आने के बाद अपनी पास मार्कशीट लेने के लिए भटकना पड़ता था। खासकर स्कूलों की छुट्टियां होने के चलते उन्हें मार्कशीट का इंतजार करना पड़ता था तथा स्कूल खुलने के बाद उन्हें स्कूलों से ही मार्कशीट मिलती थी। ऐसे में बच्चे अच्छे कालेजों व विश्वविद्यालयों में दाखिले लेने से वंचित रह जाते थे क्योंकि दाखिले की तिथियां निकल जाती थी। मगर इस बार बोर्ड ने नया निर्णय लिया है।
निर्णय के तहत अब बोर्ड की दस जमा दो शाखा में काऊंटर खोले गए हैं जो ना केवल कार्यदिवसों में बल्कि छुट्टियों के दौरान भी विद्यार्थियों को मार्कशीट दे रहे हैं। अब किसी भी समय बोर्ड मुख्यालय से चाहे रात हो या फिर दिन, मार्कशीट ली जा सकती है। विद्यार्थियों में बोर्ड के इस फैसले के बाद उत्साह है तथा वे बोर्ड से अपनी मार्कशीट लेकर जा रहे हैं

वहीं बोर्ड के कर्मचारियों की मानें तो वे रात दिन इस काम में लगे हें ताकि बच्चों के दाखिलों पर असर ना पड़े। बोर्ड में हर समय कर्मचारी तैनात रहते हें जो कि फोन पर संबंधित जिले के डीलिंग्स को बुलाकर मार्कशीट उपलब्ध करवा देते हैं।
बोर्ड की सीनियर सैकेंडरी शाखा के उप सचिव जयपाल मलिक के अनुसार ये फैसला विद्यार्थियों के हितों के मद्देनजर लिया गया है तथा इसका लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी आ भी रहे हैं(दैनिक ट्रिब्यून,भिवानी,22.6.11)।

फिटनेस ट्रेनर के तौर पर करिअर

Posted: 22 Jun 2011 05:30 AM PDT

फिटनेस ट्रेनर वह व्यक्ति है, जो जिम या हेल्थ संस्थानों में फिटनेस की तलाश में आए लोगों को बताता है कि उनका वर्कआउट प्लान कैसा होना चाहिए? वे अपनी बॉडी को कैसे टोन कर सकते हैं? मसल्स कैसे स्ट्रॉन्ग बना सकते हैं? वे लोगों के सामने एक्सरसाइज करते हैं, फिर उनसे उन्हीं व्यायामों की कॉपी करने के लिए कहते हैं। फिटनेस ट्रेनर की सलाह से लोग वजन घटा सकते हैं। स्लिम-ट्रिम रह सकते हैं। शरीर के छोटे-मोटे दर्द से निजात पा सकते हैं। फिटनेस ट्रेनर को इस बात का खयाल रखना होता है कि एक्सरसाइज करने वाला व्यक्ति अपना पोश्चर सही रखे। अगर वह गलत पोस्चर रखेगा तो उसे फायदे की जगह उल्टे नुकसान हो सकता है। अगर फिटनेस ट्रेनर अपना खुद का जिम शुरू करता है तो 50 लाख से 1 करोड़ रुपए का खर्चा आता है। वह एक्सरसाइज के उपकरण जितने महंगे और आधुनिक लगाता है, लागत उतनी ही बढ़ जाती है।
रूटीन
सुबह 6 बजे: खुद वर्कआउट करना
7.30 बजे: किसी क्लाइंट को पर्सनली ट्रेन करना
9.30 बजे: जिम जाकर पूरे बैच को ट्रेनिंग देना
12 बजे: आराम करना
1.30 बजे: लंच करना
2.30 बजे: भावी क्लाइंट्स से बातचीत करके उन्हें वर्कआउट के लिए सुझाव देना
5.30 बजे: शाम के बैच को ट्रेनिंग देना
8 बजे: घर जाना
सेलरी
फिटनेस ट्रेनर की सेलरी जिम पर निर्भर करती है। एक सामान्य जिम, जहां 10,000 रुपए मासिक वेतन दे सकता है, वहीं हाई प्रोफाइल जिम में 25,000 रुपए तक की सेलरी मिल सकती है। कुछेक जिम तो अपने ट्रेनरों को लाख रुपए तक का वेतन देते हैं। भारत में तो अब सेलेब ट्रेनर का कॉन्सेप्ट भी आ चुका है। सेलेब ट्रेनर यानी ऐसे ट्रेनर, जो टॉप मॉडल, फिल्म स्टार या स्पोर्ट्सपर्सन को ट्रेन करते हैं। इन्हें हर माह 75 हजार से 1 लाख तक का वेतन मिलता है।
स्किल
खुद का फिटनेस लेवल काफी अच्छा होना चाहिए।
इनसानी शरीर और मसल्स की बारीक जानकारी होनी चाहिए।
कम्युनिकेशन स्किल काफी अच्छी होनी चाहिए, क्योंकि क्लाइंट से बात करके ही उसे एक्सरसाइज की विधि समझानी होती है।



क्वालिफिकेशन
शुरुआती स्तर पर फिटनेस ट्रेनर बनने के लिए किसी सर्टिफिकेट कोर्स का होना अनिवार्य नहीं है, लेकिन तकनीकी पहलुओं की बारीक जानकारी की दरकार जरूरी है।
संस्थान
सिम्बायोसिस सेंटर फॉर हेल्थ केयर, पुणे
अल्बामा यूनिवर्सिटी से भी फिटनेस ट्रेनिंग में सर्टिफिकेट कोर्स किया जा सकता है।
एक्सपर्ट कमेंट
जैसे-जैसे हेल्थ सेंटरों की संख्या बढ़ रही है, फिटनेस ट्रेनरों की मांग में इजाफा हो रहा है। ये इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए अच्छी बात है।
आर.के.धवल, फिटनेस ट्रेनर
(हिंदुस्तान,दि्ल्ली,22.6.11)

झारखंड इंजीनियरिंग में बोकारो का डंका

Posted: 22 Jun 2011 05:10 AM PDT

झारखंड इंजीनियरिंग और मेडिकल की परीक्षा में बोकारो के छात्रों का दबदबा कायम है। इंजीनियरिंग में टॉप टेन छात्रों में प्रथम चार स्थानों पर बोकारो के छात्रों का कब्जा रहा। मेडिकल परीक्षा में भी बोकारो के छात्रों ने बेहतर रिजल्ट दिया है। इस वर्ष झारखंड इंजीनियरिंग व मेडिकल में बोकारो के 50 से अधिक छात्र सफल हुए हैं। इंजीनियरिंग में डीपीएस के छात्र तन्मय कुमार सिंह, अनंत पुष्कर तथा हर्षल प्रियदर्शी को राज्य में क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान मिला है।


वहीं पेंटाकोस्टल स्कूल की छात्रा प्रदिप्त मणि चौथे स्थान पर रहीं। डीपीएस के छात्र तन्मय कुमार सिंह आइआइटी, एआइइइइ समेत आधा दर्जन इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाएं अच्छे रैंक से पास कर चुके हैं। 12 वीं परीक्षा में भी उन्हें अच्छे अंक मिले थे। अनंत पुष्कर भी आइआइटी, एआइइइइ समेत इंजीनियरिंग की कई प्रवेश परीक्षाएं पास कर चुके हैं। उनका चयन इस वर्ष तर्की में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल मैथ ओलंपियाड के लिए हुआ है। मुंबई में होने वाले इंटरनेशल मैथ ओलंपियाड के लिए भारत से चार छात्रों का चयन हुआ है, जिसमें पुष्कर प्रथम स्थान पर रहे। वहीं हर्षल प्रियदर्शी तथा प्रदिप्त मणि भी मेधावी छात्र हैं।
(रामप्रवेश,हिंदुस्तान,बोकारो,22.6.11)

डीयू-स्टीफंस कॉलेज में इंटरव्यू 23 से

Posted: 22 Jun 2011 04:46 AM PDT

स्टीफंस कॉलेज में गणित और अंग्रेजी ऑनर्स के लिए इंटरव्यू 23 जून से शुरू हो जाएंगे। गणित ऑनर्स में इंटरव्यू 23, 24, 25 और 27 जून को होंगे तो अंग्रेजी ऑनर्स में इंटरव्यू 23 और 24 जून को होंगे। संस्कृत ऑनर्स में इंटरव्यू 20 जून से होंगे तो हिस्ट्री ऑनर्स के लिए 29, 30 जून और एक जुलाई को होंगे।

कंप्यूटर साइंस के साथ बीएससी प्रोग्राम के लिए इंटरव्यू 29 और तीस जून को शुरू हो जाएंगे और केमिस्ट्री के साथ बीएससी प्रोग्राम के लिए इंटरव्यू एक और दो जुलाई को शुरू हो जाएंगे। फिलास्फी ऑनर्स के लिए दो जुलाई को इंटरव्यू होंगे और बीए प्रोग्राम के लिए दो और चार जुलाई को इंटरव्यू होंगे। स्पोर्ट्स के लिए दाखिले 28 जून से शुरू हो जाएंगे। 


स्नातक कोर्सो में दाखिले के लिए बारहवीं कक्षा के 85 फीसदी अंक और इंटरव्यू के 15 फीसदी अंक के आधार पर छात्रों को दाखिला मिलेगा(हिंदुस्तान,दिल्ली,22.6.11)।

डीयूःकहीं उपस्थिति तो कहीं सीडी का अड़ंगा

Posted: 22 Jun 2011 04:10 AM PDT

दयाल सिंह कॉलेज में उपस्थिति के कारण परीक्षा देने से रोके गए सभी छात्रों को दाखिला न दिए जाने से छात्रों का भविष्य अधर में फंसता जा रहा है। हालांकि कॉलेज का कहना है कि उसने उन छात्रों को दाखिला दिया है जो कटऑफ के दायरे में आते हैं।

दरअसल मामला ये है कि दयाल सिंह कॉलेज में मई में होने वाली परीक्षा में सैकड़ों छात्रों को उपस्थिति कम होने के कारण बैठने नहीं दिया गया था। जिसके विरोध में छात्रों ने काफी हंगामा किया था। स्टॉफ एसोसिएशन के अध्यक्ष पी.के.परिहार का कहना है कि कॉलेज उन छात्रों को दाखिला नहीं दे रहा है जिनको उपस्थिति कम होने के कारण परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया था जबकि कॉलेज को ऐसा करना चाहिए। वहीं दयाल सिंह कॉलेज के प्राचार्य आई.एस.बख्शी का कहना है कि कॉलेज उपस्थिति कम होने के कारण निकाले गए उन छात्रों को मौका दे रहा है जो कि किसी कोर्स की कटऑफ में पूरी तरह फिट बैठते हैं।


उन्होंने कहा कि जो छात्र फेल होते हैं उनको कॉलेज दोबारा दाखिला देता है पर ऐसे छात्रों को फिर से एडमिशन लेना पड़ता है। बख्शी ने कहा कि जो छात्र कटऑफ के दायरे में आ रहे थे कॉलेज ने उन्हें दाखिला दे दिया है। कई छात्रों को दाखिला मिल भी चुका है, जो कटऑफ के दायरे में नहीं आएंगे उन्हें दाखिला नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि दयाल सिंह कॉलेज ने करीब तीन सौ छात्रों को परीक्षा देने से वंचित कर दिया था। कॉलेज के एक शिक्षक ने छात्रों की इस समस्या के बावत वाइसचांसलर को पत्र भी लिखा है।

दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स के प्राचार्य एम.एस.रावत कहते हैं कि हमारा कॉलेज ऐसा छात्रों को दाखिला देता है जो कि मेडिकल या अन्य वाजिब कारणों से परीक्षा में नहीं बैठ पाए। हम उनके सर्टिफिकेट की जांच करते हैं और उसके बाद उन्हें दाखिला दे देते हैं। साउथ कैंपस के कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि हमारा कॉलेज उन छात्रों को दोबारा से दाखिला दे देता है जो किसी भी कारण से परीक्षा नहीं दे पाते। उन्हें नए साल की कटऑफ के पैमाने पर खरा उतरने की जरूरत नहीं है(हिंदुस्तान,दिल्ली,22.6.11)।

डीयूःनॉन-कॉलेजिएट में एक सीट पर पांच दावेदार

Posted: 22 Jun 2011 03:50 AM PDT

डीयू की अधिक कटऑफ के कारण जिन छात्राओं को रेगुलर कॉलेजों में दाखिला नहीं मिल पाया उनके लिए नॉन कॉलेजिएट एक बेहतर विकल्प है। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉन कॉलेजिएट वुमेन एजुकेशन बोर्ड में स्नातक स्तर पर सिर्फ बीए प्रोग्राम और बीकॉम कोर्स ही पढ़ाई होती है। इन कोर्सेज के लिए निर्धारित 4600 सीटों के लिए इस बार मुख्य सेंटर पर आवेदन करने के अंतिम दिन तक 21 हजार फॉर्म जमा हो गए थे। 2010 में इतनी ही सीटों के लिए लगभग 25 हजार आवेदन आए थे। इस बार आवेदन की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

नॉन-कॉलेजिएट की निदेशक आरती सक्सेना ने बताया कि इस बार कटऑफ पिछले वर्ष के आस-पास ही रहने की संभावना है। बीकॉम और बीए प्रोग्राम की पढ़ाई करने वाली छात्रओं के लिए बेहतर विकल्प है।
कैसे मिलता है दाखिला : यहां दाखिला मेरिट के आधार पर होता है। माना जा रहा है कि इस बार 65 फीसदी से कम अंक की छात्राओं के लिए दाखिला मुश्किल है। ज्ञात हो कि नॉन कॉलेजिएट में पचास टीचिंग डेज छात्राओं को मिलते हैं। हर विषय के लिए 50 कक्षाएं होती हैं।



उपस्थिति का नियम: उपस्थिति का नियम यहां भी सख्ती से लागू होता है। 66 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। 2010 में करीब तीन सौ छात्राओं को कम उपस्थिति के कारण परीक्षा देने से रोका गया था। प्रशासन नौकरी के आधार पर उपस्थिति में छूट नहीं देता। नौकरी करने वाली छात्राओं के लिए भी 66 फीसदी उपस्थिति का नियम लागू है। शनिवार व रविवार के अलावा टीचिंग सेंटर पर छुट्टियों के दौरान भी क्लासेज आयोजित होते हैं(हिंदुस्तान,दिल्ली,22.6.11)।

डोमिसाइल नीति में पेंच, मुश्किल में दिल्ली के मेडिकल छात्र

Posted: 22 Jun 2011 03:33 AM PDT

डीयू में प्रवेश की दिक्कतें अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि मेडिकल के क्षेत्र में कैरियर बनाने का सपना देखने वाले दिल्ली के छात्रों के लिए नई परेशानी खड़ी हो गई। डीयूमेट की परीक्षा देने वाले छात्रों ने डीन से दिल्ली की डोमेसाइल नीति में बदलाव करने की मांग की है। इस मुद्दे पर मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले छात्र हाईकोर्ट में रिट डालने का भी मन बना रहे हैं।

डीयू हर साल पीएमटी (प्रीमेडिकल टेस्ट) के जरिए मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। इसमें 85 प्रतिशत सीटों पर मूल रूप से दिल्ली में रहने वाले छात्रों और 15 प्रतिशत सीट पर ऑल इंडिया पीएमटी के आधार पर छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। डीयूमेट की तैयारी करने वाले छात्रों ने आरोप लगाया है कि डोमेसाइल नीति की खामियों के चलते अन्य राज्यों के छात्र आसानी से 85 प्रतिशत सीटों पर भी आसानी से दावेदारी करते हैं। राजधानी के किसी भी स्कूल से 11 व 12वीं की परीक्षा देकर बाहरी छात्र राजधानी के स्थाई निवासी का प्रमाणपत्र ले रहे हैं। जबकि यहीं छात्र अन्य राज्यों के मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए भी आवेदन करते पाए गए हैं। हालांकि डीयू ने इस बात की जानकारी से इंकार किया है कि छात्र प्रवेश के लिए दो जगह के डोमेसाइल पर पंजीकरण करा रहे हैं। 6 जुलाई से शुरू होने वाली पीएमटी की काउंसलिंग से पहले डीन के पास पहुंचे पीएमटी छात्रों के मांग पत्र ने परेशानी पैदा कर दी है। मालूम हो कि राजधानी में 22 जुलाई को डीयूमेट की परीक्षा हुई, जिसका परिणाम 2 जून का घोषित किया गया।


दो जगह कराया पंजीकरण 

वर्ष 2011-12 की डीयूमेट की परीक्षा में बैठने वाले दो दजर्न से अधिक छात्रों ने एक ही परीक्षा के लिए दो जगह इंनरोलमेंट कराया, जिसकी सूची डीयू को उपलब्ध कराई गई है। हरियाण पीएमटी में रोलनंबर संख्या 130091 से पंजीकरण कराने वाले हेमंत त्यागी ने डीयूमेट से 30581 रोलनंबर से परीक्षा दी। वहीं राजस्थान पीएमटी से 100089 रोलनंबर पर परीक्षा देने वाली नेहा गुप्ता ने एक ही समय में डीयूमेट से 38660 नंबर पर परीक्षा दी। जानकारों का कहना है कोचिंग संचालक छात्रों को दिल्ली से 11वीं व 12वीं पास करवाते हैं(निशिभाट,हिंदुस्तान,दिल्ली,22.6.11)।

डीयूःआउट ऑफ कैंपस कॉलेजों ने दिया सरप्राइज

Posted: 22 Jun 2011 02:13 AM PDT

एसआरसीसी के बीकॉम ऑनर्स कोर्स में जनरल कैटिगरी की 252 सीटों पर पहली लिस्ट में ही रेकॉर्ड 413 एडमिशन हो गए। एसआरसीसी में तो पहली ही लिस्ट में सीटें फुल होने की उम्मीद थी लेकिन आउट ऑफ कैंपस के कई कॉलेजों में इस बार टॉप कोसेर्ज में सीटें फुल हो गई हैं। दयाल सिंह कॉलेज ने 17 कोसेर्ज में से 8 कोसेर्ज में एडमिशन क्लोज कर दिए हैं।

इसी तरह से कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज, शिवाजी कॉलेज ने भी बीकॉम ऑनर्स कोर्स में स्टूडेंट्स के लिए एंट्री बंद कर दी है। हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इन कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले कितने स्टूडेंट्स दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट करेंगे। स्टूडेंट्स की शिफ्टिंग के बाद हो सकता है कि इन कॉलेजों को एडमिशन फिर से ओपन करने पड़ें।

दयाल सिंह कॉलेज ने बीकॉम ऑनर्स, इंग्लिश ऑनर्स, हिंदी ऑनर्स, पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स, केमिस्ट्री ऑनर्स, जूलॉजी ऑनर्स, मैथ्स ऑनर्स और बीएससी लाइफ साइंसेज में जनरल कैटिगरी के एडमिशन बंद कर दिए हैं। शिवाजी कॉलेज ने बीकॉम ऑनर्स, केमिस्ट्री ऑनर्स, जूलॉजी ऑनर्स में एडमिशन बंद कर दिए जबकि कैंपस के कई कॉलेजों में अभी भी साइंस कोसेर्ज में एडमिशन ओपन हैं।


कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज ने बीकॉम ऑनर्स, इकनॉमिक्स ऑनर्स, हिस्ट्री ऑनर्स में जनरल कैटिगरी के लिए सेकंड कट ऑफ लिस्ट जारी नहीं की है। शहीद भगत सिंह कॉलेज ने बीए, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, इकनॉमिक्स ऑनर्स, पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में सेकंड लिस्ट जारी नहीं की है। वहीं शहीद भगत सिंह ईवनिंग कॉलेज ने भी बीए, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स व ज्यॉग्राफी ऑनर्स के एडमिशन र्फस्ट लिस्ट में पूरे कर लिए हैं। 

डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. दिनेश वाष्णेर्य का कहना है कि इस बार हाई स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बहुत अधिक रही है और कॉलेजों ने भी पहली कट ऑफ हाई रखी थी। बीकॉम ऑनर्स, इकनॉमिक्स ऑनर्स व इंग्लिश ऑनर्स जैसे पॉपुलर कोसेर्ज में स्टूडेंट्स किसी न किसी कॉलेज में अपनी सीट सिक्योर करना चाहते हैं और स्टूडेंट्स ने ऐसा ही किया है। यही कारण है कि आउट ऑफ कैंपस के कई कॉलेजों में सीटें फुल हो गई हैं। अगर इन कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले ज्यादा स्टूडेंट्स नाम वापस लेते हैं, उसी स्थिति में कॉलेज फिर से एडमिशन ओपन करने का कदम उठा सकता है(नवभारत टाइम्स,दिल्ली,22.6.11)।

डीयू का बीबीएस : कैसे क्लियर करें इंटरव्यू

Posted: 22 Jun 2011 01:12 AM PDT

डीयू का बीबीएस मैनेजमेंट के बेहतरीन कोसेर्ज में शुमार है। बीबीएस डीयू के तीन कॉलेजों में है और सीटें सीमित होने की वजह से इसमें ऐडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को टफ कॉम्पिटिशन से गुजरना होता है। इसके लिए एंट्रेंस टेस्ट पास करने के बाद ग्रुप डिस्कशन (जीडी) और इंटरव्यू क्लियर करना एक बड़ी चुनौती है। बीबीएस के लिए इंटरव्यू 16 जून से शुरू हो गए हैं। इंटरव्यू 25 जून तक चलेंगे। इंटरव्यू दे चुके स्टूडेंट्स से बात करके हम लाए हैं आपके लिए कुछ खास टिप्स :

ग्रुप डिस्कशन :

- इसमें आपकी कम्यूनिकेशन स्किल, टीम वर्क और लीडरशिप क्वॉलिटी को परखा जाएगा।

- याद रहे, यह सामूहिक चर्चा है, बहस नहीं। दिए गए विषय पर आपको अपने विचार प्रस्तुत करने होते हैं। इसे आप किसी कॉरपोरेट कंपनी की बोर्ड मीटिंग की तरह लें। अनुशासन बनाए रखें और चीखें नहीं।

- डिस्कशन शुरू होने से 3-4 मिनट पहले आपको टॉपिक मिल जाएगा। टॉपिक से जुड़े अपने सभी पॉइंट्स लिख लें।

- डिस्कशन के शुरू में अपना मजबूत पक्ष जाहिर न करें। इससे दूसरों को आपकी बात काटने का मौका मिल सकता है।

- पेन / पेंसिल से न खेलें, इससे आप नर्वस साबित होंगे।

- दूसरों को अपनी बात रखने का मौका दें, चर्चा में सबको शामिल करें।


- अगर दिए गए टॉपिक की जानकारी आपके पास नहीं है, तो बेहतर है कि आप शांति से दूसरों की बात सुनें और फिर चर्चा में कूदें। 
- जीडी कनक्लूड करते वक्त पॉजिटिव और नेगेटिव पॉइंट्स शामिल करें। याद रहे, अंत में कोई नया पॉइंट न छेड़ें। 

इंटरव्यू : 

- आपको अपनी पहली छाप छोड़ने का दूसरा मौका नहीं मिलेगा। आपका अच्छा व्यक्तित्व और मुस्कुराता हुआ चेहरा आपकी सकारा



--
Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/

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मैं नास्तिक क्यों हूं# Necessity of Atheism#!Genetics Bharat Teertha

হে মোর চিত্ত, Prey for Humanity!

मनुस्मृति नस्ली राजकाज राजनीति में OBC Trump Card और जयभीम कामरेड

Gorkhaland again?আত্মঘাতী বাঙালি আবার বিভাজন বিপর্যয়ের মুখোমুখি!

हिंदुत्व की राजनीति का मुकाबला हिंदुत्व की राजनीति से नहीं किया जा सकता।

In conversation with Palash Biswas

Palash Biswas On Unique Identity No1.mpg

Save the Universities!

RSS might replace Gandhi with Ambedkar on currency notes!

जैसे जर्मनी में सिर्फ हिटलर को बोलने की आजादी थी,आज सिर्फ मंकी बातों की आजादी है।

#BEEFGATEঅন্ধকার বৃত্তান্তঃ হত্যার রাজনীতি

अलविदा पत्रकारिता,अब कोई प्रतिक्रिया नहीं! पलाश विश्वास

ভালোবাসার মুখ,প্রতিবাদের মুখ মন্দাক্রান্তার পাশে আছি,যে মেয়েটি আজও লিখতে পারছেঃ আমাক ধর্ষণ করবে?

Palash Biswas on BAMCEF UNIFICATION!

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS ON NEPALI SENTIMENT, GORKHALAND, KUMAON AND GARHWAL ETC.and BAMCEF UNIFICATION! Published on Mar 19, 2013 The Himalayan Voice Cambridge, Massachusetts United States of America

BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE 7

Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

Imminent Massive earthquake in the Himalayas

Palash Biswas on Citizenship Amendment Act

Mr. PALASH BISWAS DELIVERING SPEECH AT BAMCEF PROGRAM AT NAGPUR ON 17 & 18 SEPTEMBER 2003 Sub:- CITIZENSHIP AMENDMENT ACT 2003 http://youtu.be/zGDfsLzxTXo

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