Fwd: [पुस्तक-मित्र] क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह पाश के जन्मदिवस पर...
 | क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह पाश के जन्मदिवस पर उनकी एक कविता सबसे ख़़तरनाक......... श्रम की लूट सबसे ख़़तरनाक नहीं होती पुलिस की मार सबसे ख़़तरनाक नहीं होती ग़़द्दारी-लोभ की मुट्ठी सबसे ख़़तरनाक नहीं होती बैठे-सोए पकड़़ जाना - बुरा तो है सहमी सी चुप में जकड़़ जाना - बुरा तो है पर सबसे ख़़तरनाक नहीं होता है कपट के शोर में सही होते हुए भी दब जाना - बुरा तो है किसी जुगनू की लौ में पढ़़ने लग जाना - बुरा तो है भींचकर जबड़़े बस वक़्त काट लेना - बुरा तो है सबसे ख़़तरनाक नहीं होता सबसे ख़़तरनाक होता है मुर्दा शान्ति से भर जाना न होना तड़़प का, सब सहन कर जाना, घर से निकलना काम पर औैर काम से लौट कर घर जाना सबसे ख़़तरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना -पाश अवतार सिंह पाश की सभी कविताओं का एक संग्रह परिकल्पना प्रकाशन ने हिन्दी में प्रकाशित किया है। देखने के लिए क्लिक करें। https://www.facebook.com/photo.php?fbid=480779245351191  | Timeline Photos | अक्षर अक्षर क्रांतिकारी कवि पाश की समग्र कविताएं कवि होना ऐसा है जैसे जीवन के प्रति निष्ठा् रखना ... | |
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