मानव को सच्चाई की राह पर चलने का संदेश देता है गुड फ्राइडे
मानव को सच्चाई की राह पर चलने का संदेश देता है गुड फ्राइडे
| Thursday, 05 April 2012 15:29 |
नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (एजेंसी) दुनियाभर के लोगों को पाप से मुक्ति दिलाने के लिये सलीब पर चढ़ने वाले प्रभु यीशू मसीह ने तमाम कठिनाइयों और चुनौतियों के बाजवूद लोगों को सच्चाई और शांति की राह पर चलने का संदेश दिया। रोमन कैथलिक चर्च के फादर जार्ज अब्राहम ने 'भाषा' से कहा, '' प्रभु यीशू मसीह को सलीब पर चढ़ाये जाने की उस दुखद घटना की याद में आज के दिन गुड फ्राइडे मनाया जाता है । यीशू मसीह ने अपने भक्तों के पापों का अंत करने के लिए सलीब पर चढ़ जाना स्वीकार किया । ईसाई श्रद्धालु आज के दिन शोक मनाने के बजाय प्रभु के बलिदान को याद करते हैं ।'' अब्राहम ने कहा, ''प्रभु यीशू मसीह का कहना था कि यदि मानव जाति अपना उद्धार चाहती है तो सच्चाई की राह पर चले, गरीबों, समाज के दबे कुचले लोगों की सेवा करें और उन्हें दान दे ।'' उन्होंने बताया कि यहूदियों ने यीशू मसीह को आज ही के दिन यरूसलम में गोलगाता की पहाड़ियों पर फांसी दे दी थी । उन्हें सलीब पर चढ़ाये जाने की घटना को याद करते हुए इस दिन सलीब :क्रॉस: की पूजा होती है और शाम को भक्तों को प्रसाद बांटा जाता है । रोमन कैथलिक चर्च के ही फादर वर्गीज ने बताया कि गुड फ्राइडे ईसाई मतावलंबियों के लिये बलिदान दिवस है। आज ही के दिन मानव जाति के पापों का नाश करने के लिये प्रभु यीशू मसीह ने अपने जीवन का बलिदान दिया था । फादर वर्गीज ने कहा, ''गुड फ्राइडे के दिन सुबह से प्रार्थना का दौर शुरू हो जाता है । इस दिन एक सलीब यात्रा निकाली जाती है जिसमें कोई व्यक्ति सलीब या क्रॉस अपने कंधों पर रखकर चलता है । इस दिन कोई ज्यादा बात नहीं करता और भक्तगण उपवास रखते हैं ।'' उन्होंने कहा, ''यह यात्रा 14 अलग अलग स्थानों पर रूकती है और मनन चिंतन करती है । इसी तरह शाम को तीन बजे एक विशेष पूजा आयोजित की जाती है ।'' वर्गीज ने बताया कि शाम को करीब तीन बजे ही यीशू मसीह को सलीब पर लटकाया गया था । वर्गीज ने कहा, ''प्रभु यीशू मसीह को अपनी मौत का पूर्व ज्ञान हो गया था लेकिन वे भागे नहीं बल्कि अपना बलिदान दिया । इस दिन हम दुनिया के सभी वर्ग के लोगों के कल्याण के लिये ईश्वर से प्रार्थना करते हैं । ईस्टर रविवार के ठीक पहले पड़ने वाले शुक्रवार को गुडफ्राइडे के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है ।'' उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन यहूदियों ने यीशू मसीह के हाथों में कील गाड़कर उन्हें सलीब पर लटका दिया था । इसी वजह से सलीब का ईसाईयों के लिये काफी महत्व है । |
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