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Wednesday, March 4, 2026

छंटनी की खुली छूट

#नौकरी_बचेगी_आपकी?#छंटनी_की_खुली_छूट एआई से नौकरियों को खतरा बना हुआ है।सभी नौकरियों पर तलवार लटकी हुई है। तकनीकी उपलब्धियों का कुल जमा अब सर्वव्यापी तबाही है। पहले ही योग्य लोगों को नौकरी नहीं मिल रही है क्योंकि तकनीक में योग्यता जरूरी नहीं है। अब मशीन सबकुछ करेगी तो मनुष्य की भी जरूरत नहीं है। न्यून तम दिहाड़ी और ठेके पर भी लोग काम कर रहे हैं। कायदा कानून ताक पर है।श्रम कानून खत्म है।सार्वजनिक क्षेत्र और सरकारी क्षेत्र में कौशल विकास और सहकारी समूह, खैरात है। अब पश्चिम एशिया में युद्ध यूरोप को भी चपेट में लेता हुआ दिख रहा है ।ऊपर से तेल की आग धधक रही है। नौकरी बचेगी आपकी? मौका है और दस्तूर भी है। छंटनी की खुली छूट है। ईरान-इजरायल तनाव के कारण वैश्विक अनिश्चितता ने नौकरियों पर नकारात्मक असर डालना शुरू कर दिया है। 2026 की शुरुआत के अनुसार, मध्य पूर्व में संघर्ष के चलते भारतीय कंपनियों ने भर्ती (hiring) रोक दी है या छंटनी (layoffs) बढ़ा दी है, विशेषकर तेल और निर्यात क्षेत्रों में। इसके अलावा, एयरलाइंस और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स पर भी दबाव बढ़ रहा है, जो नौकरियों के लिए चुनौतीपूर्ण है। मुख्य प्रभाव: भर्ती पर रोक और छंटनी: अनिश्चितता के कारण कई कंपनियां नई भर्तियां रोक रही हैं और परिचालन लागत कम करने के लिए नौकरियों में कटौती कर रही हैं। निर्यात और लॉजिस्टिक्स में गिरावट: हैंडीक्राफ्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामानों के निर्यात में बाधाएं आने से इन सेक्टरों में काम करने वालों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। तेल की कीमतों में वृद्धि: तनाव से तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा है, जिससे महंगाई बढ़ेगी और परिवहन/उत्पादन पर आधारित नौकरियों पर दबाव पड़ेगा। यह स्थिति भारत सहित वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता पैदा कर रही है, जिससे रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं। मध्य पूर्व में कार्यरत भारतीय: तनावपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय कामगारों के लिए सुरक्षा और रोजगार का जोखिम बढ़ गया है, विशेषकर यात्रा और शिपिंग मार्गों के बाधित होने से।

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