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Friday, March 13, 2026
तेल गैस से बड़ा संकट विस्थापन का, रोजगार का।भारत सरकार क्या करेगी?
कितने लोगों को खाड़ी से निकालेंगे मोदीजी, कितनों को रोजगार देंगे?
एक करोड़ खाड़ी के बेरोजगार और
तेल गैस से बड़ा रोजगार का संकट
कोच्चि में मोदीजी ने दावा किया,आज का भारत संकट में अपने नागरिकों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। पश्चिम एशियन फंसे भारतीयों को निकालने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। खाड़ी से तेल और गैस भारत लाने में नाकाम सरकार लोगों को निकाल लें तो बहुत बड़ी बात होती। लेकिन हो क्या रहा है? जहां तहां फंसे हैं लोग और मदद की गुहार लगा रहे हैं।वीडियो वायरल हैं।क्यों
खाड़ी देशों (GCC) में लगभग 90 लाख से 1 करोड़ के बीच भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो वहां की अर्थव्यवस्था और तेल उद्योग में बड़ी भूमिका निभाते हैं। सबसे अधिक संख्या संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में (34 लाख से अधिक) है, इसके बाद सऊदी अरब (25-27 लाख) दूसरे स्थान पर है। विकिपीडिया और संयुक्त अरब अमीरात के मुताबिक अमीरात में 45 लाख भारतीय हैं। कितनों को निकल सके मोदी जी?
अपने ऊधम सिंह नगर जिले के 424 लोग खाड़ी के 11 देशों में फंसे हैं।खाड़ी में फंसे एक करोड़ लोगों की छोड़िए, इन सवा चार सौ लोगों को ही निकल लाते!
केरल में बोल रहे थे मोदी जी।केरल के लगभग 22 लाख से अधिक लोग खाड़ी देशों (GCC) में रहते हैं, जबकि कुल प्रवासी मलयाली समुदाय लगभग 50 लाख (वैश्विक स्तर पर) होने का अनुमान है। सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज के अनुसार, केरल के कुल निवासियों का लगभग 10% हिस्सा राज्य से बाहर रहता है, जिसमें खाड़ी देशों का योगदान सबसे अधिक है।
उनके लिए या देश के किसी भी राज्य में लोगों के रोजगार के लिए सरकार क्या कर रही है?
उत्तराखंड की आबादी एक करोड़ है और पहाड़ के गांव वीरान हैं। खाड़ी के देशों में उत्तराखंड के कितने लोग हैं इसके आंकड़े नहीं हैं। उत्तराखंड से पलायन के आंकड़े हैं?
दुनिया भर में पंजाबी प्रवासी (Diaspora) की कुल संख्या लगभग 3 से 5 मिलियन (30-50 लाख) के बीच मानी जाती है, जो मुख्य रूप से कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और मध्य पूर्व में बसे हैं। पिछले कुछ वर्षों में, पंजाब से हर साल लगभग 1.25 से 1.5 लाख युवा पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए विदेश जा रहे हैं। देश में रोजगार हो तो लोग क्यों जाते विदेश?
तेल और गैस का संकट गहराता ही जा रहा है।कल कारखाने उद्योग बंद होने को हैं। देश में भारी रोजगार संकट तेल गैस संकट से बड़ा है। तेल गैस के बिना भी जी लेंगे।रोजगार के बिना कैसे जिएंगे।
खाड़ी में कमाने गए करीब एक करोड़ भारतीय वाहन फंसे हुए हैं।जिन्हें देर सवेर लौटना है।उनकी वापसी की संभावना कम है क्योंकि खाड़ी देशों की अर्थ व्यवस्था को इजराइल अमेरिका ने ध्वस्त कर दिया है।
देश में बढ़ती बेरोजगारी के साथ इन एक करोड़ विस्थापित बेरोजगारों की बेरोज़गारी देश की बड़ी समस्या बनने वाली है।
प्रमुख खाड़ी देशों में भारतीयों की अनुमानित संख्या:
संयुक्त अरब अमीरात (UAE): ~34-35 लाख से अधिक (दुबई, अबू धाबी में सबसे ज्यादा)।
सऊदी अरब: ~25-27 लाख।
कुवैत: ~9-10 लाख।
कतर: ~7-8 लाख।
ओमान: ~6-7 लाख।
बहरीन: ~3 लाख।
अन्य मध्य पूर्वी देश:
इजराइल: ~20,000
ईरान: ~10,000
इराक: ~17,000
मुख्य बिंदु:
इन छह देशों (UAE, सऊदी, कुवैत, कतर, ओमान, बहरीन) को GCC देश कहा जाता है।
भारत को इन देशों से सबसे अधिक रेमिटेंस (विदेशी मुद्रा) मिलती है।
भारतीय मूल के लोग वहां निर्माण, सेवा और तेल क्षेत्रों में काम करते हैं।

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