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Wednesday, December 10, 2025

विश्व पुस्तक मेले में पुलिनबाबू

#पुलिनबाबू:#विस्थापन_का_यथार्थ, #पुनर्वास_की_लड़ाई विस्थापन इस महादेश ही नहीं, पूरी दुनिया की समस्या है।आधी दुनिया विस्थापितों की हैं। वे अलगाव, वंचना,उत्पीड़न और अन्य के शिकार नागरिकता, मातृभाषा, इतिहास,भूगोल, जल जंगल जमीन, विरासत, संस्कृति, अस्मिता, पहचान के संकट से जूझते हुए अपना अपना फिलिस्ती जी रहे है। अपने पिता पुलिनबाबू की सरहदों के आर पार पुनर्वास, नागरिक और मानवाधिकार के संघर्ष और संवाद के बहाने आंदोलनकारी पुरखों के गांव बसंतीपुर को आधार बनाकर अपने तीन वर्षीय पोते की स्मृति की निरंतरता में विस्थापन का यथार्थ जीते हुए अपने पचास साल की पत्रकारिता की दृष्टि से इस महादेश में विस्थापन की समस्या को समग्रता से देखते हुए मैंने पुनर्वास की लड़ाई पर किताब लिखी है। सत्तर साल की जिंदगी में पढ़ने लिखने के अलावा कुछ नहीं किया।बड़े अखबारों में चार दशक तक संपादकीय में कम किया और पांच दशक तक हिंदी, बांग्ला, अंग्रेजी में निरंतर लिखा है,बोला है जनता के ज्वलंत मुद्दों पर। फिरभी मैं एक रिटायर्ड श्रमजीवी पत्रकार हूं। मैंने न सत्ता के गलियारे से संबंध रखा और न अपने संबंधों को भुनाया। हमेशा कार्पोरेट राज और मुक्त बाजार की विषमता के विरुद्ध समता और न्याय के लिए लिखा है। मैं कोई साहित्यकार नहीं हूं।सदा आम सामाजिक कार्यकर्ता हूं। रिटायर हुए एक दशक बीत गया।कोई जमा पूंजी नहीं है।अपने घर और गांव में हूं तो राशन पानी का तात्कालिक संकट नहीं है। मेरे सामाजिक कम को देशभर से समर्थन मिलता है। देशभर के लोगों का प्यार मिलता है।इतना काफी है पूंजी बतौर मेरी बची खुची जिंदगी के लिए। अब मैं किताबें खरीद नहीं सकता।अपनी किताब भी नहीं। अपनी किताब की भी मेरे पास कोई प्रति नहीं है।चर्चा के लिए, समीक्षा के लिए या मित्रों के लिए किताब खरीदने की मेरी हैसियत नहीं है। खासकर देशभर में विभिन्न भाषाओं के उन मित्रों से माफी चाहता हूं जो पिछले पांच दशकों से मुझे अपनी किताबें भेजते रहे हैं। अपनी किताब मैं उन्हें भेज नहीं सकता। यह किताब अमेजन या प्रकाशक न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन से ही खरीदकर पढ़ सकते हैं आप अगर यह किताब आपको जरूरी लगती है। दिल्ली पुस्तक मेले में जो मित्र या साथी जाएंगे, वे चाहें तो न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन के स्टाल से यह किताब प्राप्त कर सकते हैं। कुछ साथी विस्थापन के यथार्थ,पुनर्वास की लड़ाई पर केंद्रित मेरी किताब लेना चाहते हैं। यह किताब Amazon स्टोर में उपलब्ध है और दिल्ली से वितरित हो रही है।इच्छुक साथ इस लिंक पर जाकर किताब के लिए सीधे ऑर्डर कर सकते हैं। https://www.amazon.in/Pulinbabu-Visthapan-Yatharth-Punarvas-Ladai/dp/9364073428 इसके अलावा सीधे प्रकाशक न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन से भी प्राप्त कर सकते हैं। उनका फोन नंबर 8750688053 है। कुछ साथी विस्थापन के यथार्थ,पुनर्वास की लड़ाई पर केंद्रित मेरी किताब लेना चाहते हैं। यह किताब Amazon स्टोर में उपलब्ध है और दिल्ली से वितरित हो रही है।इच्छुक साथ इस लिंक पर जाकर किताब के लिए सीधे ऑर्डर कर सकते हैं। https://www.amazon.in/Pulinbabu-Visthapan-Yatharth-Punarvas-Ladai/dp/9364073428 इसके अलावा सीधे प्रकाशक न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन से भी प्राप्त कर सकते हैं। उनका फोन नंबर 8750688053 है।

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