Pages
▼
Wednesday, March 4, 2026
साम्राज्यवाद, फासीवाद चेहरा नहीं, पूरी व्यवस्था है।चेहरे के विरोध से क्या होगा?
वियतनाम, इराक और अफगानिस्तान में युद्ध के खिलाफ थी अमेरिकी जनता।वैसे ही अस्सी फीसद अमेरिकी ईरान में युद्ध के खिलाफ है। नतीजा?
साम्राज्यवाद पूंजीवादी व्यवस्था का निरंकुश, फासिस्ट तंत्र है। अमेरिकी जनता का कोई असर नहीं होता।हां, उन्हें विरोध दर्ज करने की आजादी जरूर है।
राष्ट्रपति कैनेडी, राष्ट्रपति निक्सन, राष्ट्रपति बुश, राष्ट्रपति ओबामा,बाइडन और ट्रंप में कोई फर्क है?
ये व्यक्ति नहीं, निरंकुश सत्ता का चेहरा है जो सिर्फ पूंजी का हित देखता है।
क्या भारत की जनता युद्ध और नरसंहार के पक्ष में है?
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
यह अमेरिका और इजराइल से नत्थी एक संपूर्ण और निरंकुश व्यवस्था है,जिसकी जड़ें गांव गांव में मजबूत हो गई है।
अमेरिका में फिर भी युद्ध विरोधी आंदोलन होते हैं।
भारत में तो सत्ता की आलोचना, असहमति और अभिव्यक्ति तक की स्वतंत्रता नहीं है।
ईरान के प्रतिरोध और अमेरिका इजराइल की दुर्गति पर तमाशबीन की तरह हम खुश हो सकते हैं, लेकिन साम्राज्यवादी पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ लड़ नहीं सकते।
हमारी आलोचना, व्यंग्य और विरोध तंत्र के चेहरे तक सीमित है।इससे तंत्र को कोई फर्क नहीं पड़ता।
अमेरिकी जनता के प्रचंड विरोध के बावजूद अमरीकी विध्वंसक मनुष्यविरोधी प्रक्रियविरोधी व्यवस्था का नरसंहार अभियान जारी रहेगा।
वैसे ही मोदीजी के विरोध से फ़ासिज़्म का चेहरा देर सवेर बदल सकता है,फ़ासिज़्म का तंत्र नहीं बदलेगा।
अमेरिकी कांग्रेस (संसद) ट्रंप के युद्ध के मामलों, विशेषकर ईरान के खिलाफ, पूरी तरह से एकमत नहीं है, और विपक्षी डेमोक्रेट्स तथा कुछ रिपब्लिकन सदस्य उनकी सैन्य शक्तियों को सीमित करने का प्रयास कर रहे हैं। GOP (रिपब्लिकन) के नेतृत्व वाले सदन में ट्रंप की नीति का समर्थन होने के बावजूद, कांग्रेस के दोनों सदनों में युद्ध शक्तियों पर चर्चा चल रही है।
अमेरिकी कांग्रेस और ट्रंप के युद्ध के पक्ष में मुख्य बातें:
विभाजन: डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए कांग्रेस की मंजूरी को आवश्यक मानते हैं, जबकि अन्य, मुख्य रूप से रिपब्लिकन, ट्रंप के कड़े रुख का समर्थन कर रहे हैं।
युद्ध शक्तियों पर चर्चा: कांग्रेस के सदस्य 'वार पावर्स रेजोल्यूशन' (War Powers Resolution) के माध्यम से राष्ट्रपति की एकतरफा सैन्य कार्यवाही को सीमित करना चाहते हैं।
वीटो की संभावना: यदि कांग्रेस युद्ध को रोकने का कोई प्रस्ताव पारित करती है, तो ट्रंप उसे वीटो करने की धमकी दे चुके हैं, जिसे पलटने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी।
संक्षेप में, अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप के युद्ध के मामलों पर तीखी बहस चल रही है, जिसमें रिपब्लिकन की पतली बढ़त के कारण कोई भी बड़ा युद्धकालीन निर्णय लेना मुश्किल माना जा रहा है।
समर्थन बनाम विरोध: MAGA (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) के समर्थक और कुछ रिपब्लिकन सदस्य राष्ट्रपति की "अमेरिका फर्स्ट" नीति के हिस्से के रूप में युद्ध का समर्थन कर रहे हैं, जबकि आलोचक कहते हैं कि उन्होंने युद्ध की आवश्यकता को स्पष्ट नहीं किया है।

No comments:
Post a Comment