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Tuesday, January 13, 2026

बच्चों के विवेकानंद

#युवा_दिवस, #बसंतीपुर #बच्चों_के_स्वामी_विवेकानंद #नवीन_संघ Nityanand Mandal की पहल पर बसंतीपुर के नन्हे मुन्ने बच्चों ने युवा दिवस पर काव्यपाठ के माध्यम से स्वामी विवेकानंद को याद किया। बड़े बच्चों के साथ डोडो ने अपने दोस्तों राम, कनिष्क, रुद्रांश,सिद्धार्थ, कौशिक, काव्या,हिमानी,शिवन्या, जया, शिवा,पुनीत, धनराजऔर कुछ बड़े बच्चों भावना, हर्षिता,प्रतिभा और गांव के तमाम बच्चों के साथ कविताओं के माध्यम से स्वामी विवेकानंद को स्मृति प्रणाम किया। इस अवसर पर डॉक्टर Gurubachan Lal Khurana , डॉक्टर सुधीर अधिकारी, गुरुजी भृगुनाथ मौर्य और बसंतीपुर के लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में कवितापाठ के मध्य ही स्वामीजी के बारे में बच्चों से सवाल किए गए और तत्काल उन्हें अपने जवाब के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम उसी नवीन संघ के बैनर के तहत आयोजित किया गया,जिस हम जब बच्चे थे और प्राइमरी के छात्र थे,हमने यानि बसंतीपुर में जन्मे पहली पीढ़ी के बच्चों ने संगठित किया था। नवीन संघ के माध्यम से आज से साठ साल पहले हमने बसंतपुर में विवेकानंद पुस्तकालय खोला था।हम सभी पढ़ते थे और अपनी किताबों से यह पुस्तकालय शुरू किया था। नवीन संघ के संस्थापक कृष्णपद मंडल बंगाल में अपने ननिहाल में कक्षा दो तक पढ़कर आए थे।नवीन संघ इनका इडिया आइडिया था।वे बहुत अच्छे खिलाड़ी थे। नवीन संघ के माध्यम से हम खेल कूद भी करते थे।पुस्तकालय का आइडिया मेरा और टेक्का यानि नित्यानंद का था।कार्यक्रम में तबके नवें संघ के मेरे और नित्यानंद के अलावा विवेक दास, गोविंद मंडल और कई सदस्य उपस्थित थे। अफसोस यह है कि नवीन संघ के हमारे ज्यादातर साथी अब दिवंगत है,जिनमें कृष्णपद भी शामिल है।कृष्णपद का पोता प्रियांशु राष्ट्रीय स्तर का एथलीट है। हमने स्वामीजी के बारे में बताते हुए मनुष्यता के धर्म और नर नारायण के उनके विचारों के साथ रामकृष्ण मिशन की भी चर्चा की और बच्चों को नवीन संघ की कथा भी सुनाई। बच्चों से पढ़ने लिखने की संस्कृति बहाल करने और नवें संघ का काम आगे बढ़ाने की अपील की। यह बच्चों का कार्यक्रम था।उन्हें बहुत मजा आया। डोडो और उसके सभी दोस्तों को खूब मजा आया। क्या ऐसे कार्यक्रम हर गांव में आयोजित करना संभव नहीं है?

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