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Friday, November 21, 2025

पढ़ने लिखने में बच्चों को कैसे मजा आए?

बच्चों को कलम की ताकत का अहसास कराना चाहिए।लिखने की तकनीक एकबार सीख लें तो कलम चलन उसका नशा बन जाएगा।इस खेल में मजा आना चाहिए।महीने भर से डोडो को हमने मजबूती से पेंसिल पकड़कर दबाकर चलाना सीखने की कोशिश कर कर रहे थे।वह लिख नहीं पा रहा था। कॉपी की लाइन को बेस बनाकर रेखाओं से खेलने की तरकीब अब उस समझ में आने लगी है।
जो होमवर्क वह पंद्रह दिनों में कर नहीं पाया आज पेंसिल पकड़कर बिना रबर का इस्तेमाल किए फटाफट कर दिया। बच्चे को पढ़ने लिखने में मजा आना चाहिए। हमने तमाम अखबारों में प्रशिक्षुओं और युवा साथियों से हमेशा कहा है कि मजे में मस्ती से कम करें सजगता के साथ।काम को एंजॉय करें।बोझ या सजा न समझे। सख्ती के बजाय बच्चों से प्यार से पेश आए।खेल खेल में सिखाए तो लिखने पढ़ने में उसे मह आयेगा और अपना कम खुद सीखेगा। आज शाम दो घंटे उसके साथ बिताए।मुझे भी उसके करतब में मजा आया। बच्चों के लिए वक्त जरूर निकालें। पढ़ना लिखना सी सिर्फ टीचर की जिम्मेदारी नहीं है। हमारी भी जिम्मेदारी कम नहीं है। क्या आपको बच्चों का साथ अच्छा नहीं लगता?

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