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Saturday, November 1, 2025
सामंती पितृसत्ता को भी हराया रोमन कैथोलिक लड़की जेमिमा रॉड्रिक्स ने
सिर्फ #आस्ट्रेलिया को नहीं, #सामंती_पितृसत्ता को भी हर दिया #जेमिमा_रॉड्रिक्स ने
पलाश विश्वास
#महिल_क्रिकेट_विश्वकप
#Jenima_Ridrigues
इसी देश के कुछ लोगों ने धर्म के नाम जिस लड़की को प्रताड़ित किया, आज वही रोमन कैथोलिक 25 साल की क्रिकेटर लड़की इसी देश का सबसे प्रिय चेहरा है।
रविवार दो नवंबर को महिला विश्वकप फाइनल है। इसी लड़की के शतक से अजेय ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत की बेटियां फाइनल में हैं। मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका है।इसी लड़की ने बेटियों के विश्वकप जीतने का सपना जिंदा कर दिया।कप्तान हरमन प्रेत और पूरी टीम ने सेमीफाइनल में शानदार खेल दिखाया,लेकिन जीतकर लौटने का जो जज्बा जेमिमा ने दिखाया, भारतीय खेलों में यह अभूतपूर्व है।
जेमिमा अपने लिए नहीं खेल रही थी।सिर्फ टीम के लिए नहीं खेल रही थी।देश के लिए खेल रही थी। हाफ सेंचुरी,सेंचुरी करने के बाद कल तक हर खिलाड़ी ने अपने ढंग से सेलिब्रेट किया है, लेकिन इस लड़की ने हाफ सेंचुरी और सेंचुरी करने के बावजूद न बैट उठाया और न किसी तरीके से खुशी व्यक्त की।
अर्जुन की कथा इस देश में सबको मालूम है।किसी ने अर्जुन को नहीं देखा, लेकिन कल देश और दुनिया ने अर्जुन को निशाना भेदते हुए देख लिया। चिड़िया की आंख उसके लिए देश की जीत थी। हरमन के साथ लंबी साझेदारी निभाने के बाद दूसरे छोर पर एक एक के बाद एक साथी के आउट होते जाने के बावजूद, मुंबई की भीषण उमस में शरीर टूट जाने से उसे कोई फर्क नहीं पड़ा। क्योंकि उसे देश को जीताकर लौटना था। वह अपने लिए नहीं,देश के लिए खेल रही थी।
सारी उपेक्षा, अन्याय, घृणा और हिंसा को जीतकर भारत में बेटियों के किसी खेल के लिए इतना प्रेम,इतनी एकजुटता पैदा करना इस रोमन कैथोलिक लड़की की सबसे बड़ी उपलब्धि है। एथलेटिक्स, हॉकी, क्रिकेट, टेनिस,बैडमिंटन, शतरंज में लगातार उपलब्धियां हासिल करने वाली बेटियों को लेकर भावों का इतना बड़ा विस्फोट कभी नहीं हुआ। पुरुषों के खेल में मामूली उपलब्धि के मुकाबले बेटियों की बड़ी बड़ी उपलब्धियों को हमेशा नजरअंदाज कर दिया जाता रहा है।
जेमिमा ने इस एक पारी से सिर्फ आस्ट्रेलिया को नहीं,इस देश के पितृसत्तात्मक सामंती समाज को भी पराजित कर दिया।विश्वकप जीतने से ज्यादा बड़ी उपलब्धि है इस देश में हमेशा अन्याय,उत्पीड़न, उपेक्षा,अपमान और भेदभक की शिकार सभी बेटियों के लिए।
जेमिमा जीत के बाद लगातार रो रही थी।
इस रुलाई में संवेदनाओं का महा विस्फोट है,जिसने पत्थरों को भी पिघला दिया है।
ये संवेदनाओं का चक्रवात हर बेटी में होता है,लेकिन संवेदनाओं के इस चक्रवात ने पूरे देश को अपने चपेट में ले लिए।
बीबीसी ने सही लिखा है:
जेमिमा रॉड्रिग्स आगे अपने करियर में जो कुछ भी हासिल करें, लेकिन उन्होंने वो पारी खेल ली है जिसके लिए वो हमेशा तब तक याद की जाएँगी, जब तक पुरुष और महिलाएँ क्रिकेट खेलते रहेंगे.
भारतीय पारी के साढ़े तीन घंटे एक तरह से जेमिमा के लिए ये खोजने का रास्ता थे कि उनके भीतर कितनी प्रतिभा है, वो कितना हासिल करने में सक्षम हैं और आगे वो और क्या कुछ हासिल कर सकती हैं.
मैदान में मौजूद और दुनिया भर में देख रहे करोड़ों दर्शकों ने पहली बार जेमिमा की असली भूमिका और उनकी अहमियत को महसूस किया.
https://www.bbc.com/hindi/articles/cn09x7rrd7yo
Jemimah Rodrigues Record Century In IND vs AUS Womens World Cup Semi-Final: भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीमों (India Women vs Australia Women) के बीच आईसीसी महिला वनडे विश्व कप 2025 (ICC Women's ODI World Cup 2025) में जबरदस्त सेमीफाइनल मैच खेला गया। इस मैच में इतने रनों की बारिश हुई कि दुनिया देखती रह गई। दुनिया की सबसे सफल महिला क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया (Australia Women Cricket Team) ने भारत के सामने विशाल लक्ष्य रखा था लेकिन शुरुआती झटकों के बावजूद भारतीय महिला क्रिकेट टीम (India Women Cricket Team) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी और महिला विश्व कप फाइनल (Women's World Cup Final) में पहली बार जगह पक्की कर ली। इस जीत का श्रेय अगर किसी एक खिलाड़ी को जाता है तो वो हैं ऑलराउंडर जेमिमा रोड्रिगेज, जिनकी बल्लेबाजी के आगे ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम पूरी तरह से पस्त हो गई और जेमिमा ने नया इतिहास रच दिया।
https://www.timesnowhindi.com/photos/sports/jemimah-rodrigues-registers-new-record-in-womens-odi-world-cup-2025-semi-final-against-australia-photo-gallery-153079070
2017 में जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम लॉर्ड्स में इंग्लैंड से वर्ल्ड कप फाइनल हारकर लौटी थी, तब मुंबई एयरपोर्ट पर जेमिमा रोड्रिग्स उनके स्वागत को मौजूद थीं. उस वक्त वह सिर्फ 16 साल की थीं और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने कुछ जूनियर्स को बुलाया था. वह दिन, वही नजारा, उनके क्रिकेट सफर का टर्निंग पॉइंट बन गया. तब उन्होंने देखा था कि हार के बावजूद हजारों लोग खिलाड़ियों के स्वागत में पहुंचे हैं. तभी उन्होंने ठान लिया था, ‘एक दिन मैं भी इस टीम को जीत की राह पर लेकर जाऊंगी.’ और आठ साल बाद जेमिमा आज भारत को वर्ल्ड कप फाइनल तक ले आईं. सेमीफाइनल में भारत ने मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रच दिया. 330 से ज्यादा का टारगेट, दबाव का माहौल, और फिर भी इस टीम ने वो कर दिखाया जो किसी ने सोचा नहीं था.
https://hindi.news18.com/cricket/jemimah-rodrigues-success-story-world-cup-final-defeating-australia-women-cricket-9797125.html
Jemimah Rodrigues, Year After Gymkhana Club Membership Cancellation, Becomes India's Hero
On Thursday evening, during the India vs Australia Women's World Cup semi-final, Jemimah Rodrigues transcended the boundaries of the cricket field to embody something much bigger. The 25-year-old has long been primed for greatness, but somehow she seemed to falter. Four years into her international career, she was excluded from the 2022 World Cup campaign in New Zealand, and the feeling was no different when India, struggling to find the right playing combination, chose to overlook her against England in the ongoing tournament.
Jemimah, as on several occasions in the past - including the 2022 Commonwealth Games gold medal clash against Australia and the 2023 T20 World Cup semifinal against the same opponents - watched helplessly from the sidelines as India floundered in a chase they should have completed easily in Indore.
As an early exit loomed for the World Cup hosts, India turned back to the 25-year-old, who was determined to put everything behind her and get the team back on track.
The magnitude of her achievement at the DY Patil Stadium on the night of October 30 may take time to sink in. But there is little doubt that it was one of the finest knocks played by an Indian in World Cup knockout stages-across genders.
On the personal front, Jemimah faced challenges too. Last year, she saw her club, Khar Gymkhana, cancel her membership after complaints were filed against her father, Ivan Rodrigues, for allegedly using the club's premises to host unauthorised religious gatherings.
https://sports.ndtv.com/women-s-odi-world-cup-2025/jemimah-rodrigues-year-after-gymkhana-club-membership-cancellation-becomes-indias-hero-9553629

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