| Sunday, 16 June 2013 16:57 |
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा नीत राजग को झटका देते हुए जदयू ने नरेंद्र मोदी को भाजपा की चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाये जाने के खिलाफ बिहार में भाजपा के साथ गठबंधन को समाप्त कर दिया और इस तरह राष्ट्रीय राजनीति में 17 साल पुराने मजबूत गठजोड़ में दरार पड़ गयी। नीतीश ने आधे घंटे के संवाददाता सम्मेलन में एक भी बार मोदी का नाम नहीं लिया लेकिन परोक्ष रूप से उन पर कई बार निशाना साधते हुए कहा, ''भाजपा नये दौर से गुजर रही है। जब तक बिहार में गठबंधन पर कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था, यह सहजता से चलता रहा। दिक्कतें उस समय शुरू हुईं जब बाहरी हस्तक्षेप होने लगा।'' गोवा में भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में मोदी को चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाये जाने के एक सप्ताह बाद जदयू ने अपने फैसले की घोषणा की जबकि पार्टी ने कुछ ही समय पहले अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाजपा से दिसंबर तक अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तय करने के लिए कहा था।जदयू और नीतीश कुमार पिछले काफी समय से अनेक मौकों पर सीधे तौर पर मोदी पर अपना विरोध जाहिर करते रहे हैं। नीतीश ने तीन साल पहले मोदी की मौजूदगी के कारण लालकृष्ण आडवाणी समेत भाजपा के आला नेताओं के साथ रात्रिभोज में भाग नहीं लिया था। जब नीतीश कुमार से पूछा गया कि क्या वह नरेंद्र मोदी का जिक्र कर रहे हंै तो उन्होंने कहा, ''समझने वाले समझ गये जो ना समझे वो अनाड़ी हैं।'' भाजपा में मोदी को नयी जिम्मेदारी मिलने का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अतीत में अरूण जेटली और दिवंगत नेता प्रमोद महाजन को अभियान समिति का प्रमुख बनाया गया था तो कोई दिक्कत नहीं थी। मोदी का नाम पेश किये जाने पर अपनी और अपनी पार्टी की गंभीर आपत्तियों को जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ''सब जानते हैं कि हमारी बुनियादी चिंता क्या है।'' |
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