| Tuesday, 25 June 2013 14:23 |
इस बीच सुरक्षा बलों ने मंदिर परिसर में पड़े सड़े गले शवों का अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य पुलिस मुख्यालय के सूत्रों ने यहां पीटीआई को बताया कि मंदिर परिसर में बिखरे पड़े शवों की पहचान, पोस्टमार्टम और डीएनए सरंक्षण जैसी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सामूहिक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं और इसके लिए देवदार की सूखी लड़कियोंं और घी से लदे ट्रकों को केदारनाथ के लिए रवाना कर दिया गया है। गौरतलब है कि यहां पड़े शव सड़ने लगे हैं और इससे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। राज्य सरकार ने पुलिस मुख्यालय के डीआईजी संजय गुंजयाल और गढ़वाल रेंज के डीआईजी अमित सिन्हा को केदारनाथ में अंतिम प्रक्रिया आज शुरू कराने का जिम्मा सौंपा है। इससे पहले बारिश होने के कारण कल यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम करने और उनका डीएनए संरक्षित करने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों का एक 42 सदस्यीय दल कल केदारनाथ के लिए रवाना हो गए हैं। इस त्रासदी के बाद के हालात से निपटने में राज्य सरकार की मदद के लिए विभिन्न क्षेत्रों से पेशकश आ रही है। उत्तरप्रदेश सरकार ने सबसे अधिक 25 करोड़ रूपए की मदद दी है, इसके बाद हरियाणा ने दस करोड़ और गुजरात तथा राजस्थान ने दो दो करोड़ रूपए दिये हैं। |
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