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Monday, July 9, 2012

अभिनय से कलाकारों ने जल संरक्षण के प्रति किया सचेत

अभिनय से कलाकारों ने जल संरक्षण के प्रति किया सचेत

Updated on: Sat, 09 Jun 2012 08:25 PM (IST)

http://www.jagran.com/uttarakhand/udhamsingh-nagar-9351868.html

अभिनय से कलाकारों ने जल संरक्षण के प्रति किया सचेत

Updated on: Sat, 09 Jun 2012 08:25 PM (IST)

अभिनय से कलाकारों ने जल संरक्षण के प्रति किया सचेत

जागरण कार्यालय, रुद्रपुर: कलाकारों ने वरुण देश की परिकथा का नाट्य मंचन कर लोगों को जल संरक्षण के प्रति सचेत किया। पात्रों ने बेहतर अभिनय और संवाद से संदेश दिया कि जल की जरूरत पहले भी थी और आज भी है। आम व खास, दोनों के लिए जल की अहमियत है। मंचन में साजसज्जा और तारतम्य बना रहा।

शैलनट संस्था के बैनर तले डॉ. अभिजीत मंडल के निर्देशन में शनिवार को एक होटल में पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पात्रों ने आयोजित वरुण देश की परिकथा नाटक का मंचन कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थिति यह रही कि कोई अपनी जगह से टस से मस नहीं हुआ। कलाकारों ने मंचन से यह बताया कि वरुण देश का राजा पुरुहूत जल में डूबो कर एक परी की जान लेता है। परियां उसको राज्य में भयानक सूखा पड़ने का श्राप देती हैं। बाद में देश में सूखे की भयावह स्थिति से जल, जंगल और जमीन की क्षति हुई और जनता के सामने दिन गुजारने का संकट खड़ा हो गया। लोगों की कठिनाइयों से रूबरू राजा ने महारानी की मदद से इस स्थिति से उबरने की कोशिश की। सवा घंटे के इस नाटक में कलाकारों में बेहतर तालमेल दिखा। इससे पहले मुख्य अतिथि एडीएम वित्त निधि यादव ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी विधा को आगे लाने की जरूरत है। इस मौके पर नगरपालिका अध्यक्ष मीना शर्मा, दिनेशपुर नगरपंचायत अध्यक्ष सीमा सरकार, जिला अस्पताल के एमएस डॉ. एलएम उप्रेती, डॉ. डीएन भट्ट, शंकर मेहरा, खेमकरन, एपी भारती, कुलविंदर सिंह संधू, रूपेश सिंह, मदनमोहन बिष्ट, वीरेंद्र जोशी, हेम पंत, ज्योति गांधी, अरुण चुघ, महेश वर्मा, अनिल शर्मा, गीता किरन, अहिल्या मिश्रा, नितेश चावला आदि मौजूद थे।


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