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Monday, May 7, 2012

ममता राज में हिलेरिया की सवारी, खुला बाजार की अभूतपूर्व विजय रैली!

ममता राज में हिलेरिया की सवारी, खुला बाजार की अभूतपूर्व विजय रैली!

पलाश विश्वास

अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को यहां राज्य सचिवालय में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच खुदरा क्षेत्र एफडीआई, तीस्ता जल संधि और राज्य में अमेरिकी निवेश जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चर्चा हुई।ममता बनर्जी और हिलेरी क्लिंटन के जरिये अमेरिकी कारपोरेट साम्राज्यवाद ने पूरब का दरवाजा खोल दिया। एशिया प्रशांत महासागर क्षेत्र में​ ​खुला बाजार का सिल्क रूट बनाने में बंगाल की खाड़ी में लगातार ३४ साल तक राज करने वाले मार्क्सवादियों के अवसान के बाद ऐतिहासिक​ ​ पहल हो गयी एशिया में साम्राज्यवाद के पुरातन गढ़ कोलकाता में। ममता ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया है। ममता ने कहा एफडीआई के मुद्दे पर हिलेरी से बातचीत हुई। ममता ने कहा अमेरिका शिक्षा के क्षेत्र में हमारी मदद करेगा।

हिलेरिया की सवारी में कोलकाता की खामोश भागेदारी के साथ भारत में खुला बाजार अर्थव्यवस्था और अमेरिकापरस्त राजनीति के विरुद्ध रहे सहे जनप्रतिरोध का जनाजा निकल गया और बाजार इसका जश्न मना रहा है।नंदीग्राम सिंगुर लालगढ़ जनप्रतिरोधों का हश्र आखिर वहीं हुआ जो १९७४ के संपूर्ण क्रांति का हुआ और जो मध्यपूर्व में अरब वसंत का होने जा ​​रहा है। हम जब आपातकाल लगने से पहले अपनी पीढ़ी के युवाजनों के साथ सड़क पर उतरकर तानाशाही के विरुद्ध आवाज बुलंद कर रहे थे, तब हमने दुःस्वप्न में भी नहीं सोचा था कि यह खुला  बाजार का पहला पड़ाव है और इंदिरा के विरोध के बहाने भारत में बाजार की ताकतों के प्रभुत्व का​ ​ पहला चेकपोस्ट। ३४ साल के मार्क्सवादी ब्राह्मणवादी वर्चस्व को तोड़ने के लिए लामबंद होने से पहले परिवर्तनपंथियों ने भी क्या सोचा होगा​ ​ कि राइटर्स में फिर फोर्ट विलियम के दृश्य बनेंगे और साम्राज्ववादी कारपोरेट अश्वमेध के घोड़े वहीं से रवाना होंगे दसों दिशाओं में! नंदीग्राम नरसंहार के विरुद्द सड़क पर उतरे बंगाल को क्या मालूम था कि उसके सीने पर फिर जीता जायेगा पलाशी का महायुद्ध आत्मसमर्पण और विश्वासघात के निर्लज्ज प्रदर्शन के मध्य?

हालांकि हिलेरिया की इस सफर को खुले बाजार के लिहाज से कास माना जा रहा है और बाजार की निगाहें दीदी से हिलेरिया की मुलाकात के नतीजों पर ही टिकी हुई हैं। पर हिलेरिया दिल्ली भी जायेंगी। ईरान के मुद्दे पर आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में इजराइल की तरह ही महत्वपूर्ण पार्टनर भारत की लगाम भी उन्हें कसना है। बाहैसियत अमेरिकी विदेश मंत्री और पूर्व फर्स्ट लेडी दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में चीनी वर्चस्व के खिलाफ अमेरिकी रणनीते को भी उन्हें अंजाम देना है।आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका के य़ुद्द के सवाल पर दक्षिण एशियाई चुनौतियों का भी उन्हें मुकाबला करना है। ये सारे आयाम कोलकाता में हिलेरिया के बयान से जाहिर हो गये।आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार को कहा कि इस लड़ाई में पाकिस्तान, अमेरिका और भारत की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है।हिलेरी ने कहा कि हालांकि पाकिस्तान को भारत और अमेरिका की अपेक्षा आतंकवाद की वजह से अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। पाकिस्तान में 30,000 से अधिक लोग आतंकी हमले में मारे गए हैं। हिलेरी ने कहा कि यह पाकिस्तान के हित में होगा कि वह आतंकवाद के खिलाफ उचित और ठोस कार्रवाई करे।हिलेरी ने कहा कि हम अलकायदा को पूरी तरह से समाप्त कर देना चाहते हैं। हमें इसमें कामयाबी भी मिली है। लेकिन यह आतंकी संगठन जबतक पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता हम चैन से नहीं बैठ सकते। हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार को कहा कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए मजबूर हो जाए इसके लिए भारत जैसे देशों पर उससे तेल का आयात घटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि पूर्वी भारत में व्यवसाय की अपार संभावनाएं हैं! हिलेरी भारत दौरे पर कोलकाता आई है जहां उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की है।इस बैठक के बाद वो दिल्ली रवाना हो जाएंगी। क्लिंटन सुबह करीब 11:10 बजे राइटर्स बिल्डिंग पहुंचीं, जहां ममता ने दोनों हाथ जोड़कर 'नमस्ते' कहकर उनका अभिवादन किया।दोनों नेताओं ने सचिवालय के प्रथम तल के कॉरिडोर में चेहरे पर खिली मुस्कान के साथ तस्वीरें खिंचवाईं. ममता ने क्लिंटन को उनके स्वागत के लिए सुसज्जित राइटर्स बिल्डिंग के इतिहास से अवगत कराया।क्लिंटन कुछ पलों के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता राष्ट्र कवि रवींद्रनाथ टेगौर की तस्वीर के सामने भी खड़ी हुईं। टेगौर की पुरानी तस्वीर हटाकर यहां नई तस्वीर लगाई गई है।इससे पहले सुबह क्लिंटन ने ला मार्टिनियर स्कूल में कहा था कि जब वह कॉलेज में थीं, तब उन्होंने टेगौर के सम्बंध में जाना था और तब से वह उनकी प्रशंसक हैं।। उल्लेखनीय है कि दोनों ही नेताओं को प्रसिद्ध टाइम पत्रिका ने दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया है। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के लिए होटल ताज बंगाल, जहां हिलेरी ठहरी हैं, से राइटर्स जाने वाले सभी रास्तों को एफबीआई की टीम के साथ कोलकाता पुलिस के एसटीएफ और खुफिया विभाग ने अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया है।राइटर्स पहले ही अभेद्य किले में तब्दील हो चुका है। ताज बंगाल से राइटर्स तक एफबीआई के 15 अधिकारी नजर रखे हुए हैं, वहीं कोलकाता पुलिस के एसटीएफ के 10, गुप्तचर विभाग के तकरीबन 50 वरिष्ठ अधिकारी समेत कुल 200 पुलिस कर्मी रविवार दोपहर से ही स्पेशल ड्यूटी पर हैं। यही नहीं, समय-समय पर खोजी कुत्तों और बम निरोधी दस्ते के अधिकारियों द्वारा होटल से राइटर्स तक के पूरे मार्ग का निरीक्षण किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से सोमवार सुबह हिलेरी के राइटर्स जाने के समय को भी गुप्त रखा गया है। इसके अलावा राइटर्स के आसपास के तकरीबन 15 बहुमंजिली इमारतों में भी एफबीआई और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनकी छत से लगातार आसपास के इलाकों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

क्षत्रपों को जीतकर साम्राज्यवाद ने भारत को फतह किया था। इतिहास बार बार इस बात की गवाही देता रहा है।हिलेरी की किसी भारतीय मुख्‍यमंत्री से पहली सीधी मुलाकात है। दोनों नेताओं में विचार विमर्श राइटर्स बिल्डिंग में हो रही है ।इस अवसर पर अंगरेजों के जमाने की इस इमारत को नये सिरे से सजाया गया है।अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भविष्य के प्रति दृष्टिकोण जानना चाहती हैं।उन्होंने ला मार्टिनीएरी स्कूल में मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से भविष्य के प्रति उनका दृष्टिकोण जानना चाहती हूं। मैं इस विश्वास के साथ यहां आई हूं कि भारत कहीं भी किसी से भी प्रतियोगिता कर सकता है।हिलेरी ने ईरान से तेल आयात कम करने के लिए और अधिक कदम उठाए जाने पर भी जोर दिया।हिलेरी ने समारोह में कहा कि पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था के साथ ही इसका राजनीतिक महत्व भी बहुत है। उनका कहना है कि अमरीका पूरे देश के साथ सहभागिता निभाना चाहता है और उनका कोलकाता आना देश के इस भाग के प्रति अमरीका की प्रतिबद्धता दर्शाता है।हिलेरी क्लिंटन ने अपने देश में भारतीय मूल के अमेरिकियों के अविश्वसनीय योगदान की तारीफ करते हुए सोमवार को कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों का केंद्र जनता के आपसी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि 2011 में अमेरिका में भारतीयों के लिए 35 प्रतिशत एल वन वर्क वीजा जारी किए गए थे। स्कूल में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए क्लिंटन ने कहा कि एक लाख से ज्यादा भारतीय छात्रों ने अमेरिका में पढ़ाई की है।उन्होंने कहा, 'हमारे बीच कई कड़ियां हैं, हम इन्हें प्रोत्साहित करने के साथ और कड़ियां बनाना चाहते हैं।' क्लिंटन ने अपने भाषण की शुरुआत में रवींद्रनाथ टेगौर को भी याद किया और कहा, 'जब मैं कॉलेज में थी, तब मैंने उन्हें जाना था।'

तीन दिवसीय के भारत दौरे पर आईं अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के अलावा शाम को हिलेरी दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगी। मुख्यमंत्री से यह मुलाकात किसी अमेरिकी विदेश मंत्री की ओर से इस तरह का पहला प्रयास है।ऐसा करिस्मा क्यों हुआ, यह गौरतलब है। तनिक गहराई से पड़ताल करें तो भारत की संप्रभू राजनीतिक व्यवस्था में बाजार की बढ़ती हुई ताकत का अंदाजा हो जायेगा।

फिलवक्त भारतीय क्षत्रपों की​ ​ सिरमौर हैं ममता बनर्जी जो इस वक्त टाइम अनुमोदित लोकप्रिय अमेरिकी आइडल भी हैं ३४ साल के मार्क्सवादी शासन का अंत कराने की अपनी नायाब उपलब्धि के लिए। इसीलिए वह कारपोरेट इंडिया का भी सबसे सशक्त ब्रांड हैं , हालांकि साम्यवाद को परास्त करने की रणनीति बतौर उनकी ओढ़ी हुई साम्यवादी नकाब से बाजार को आर्थिक सुधारों को लागू करने में बड़ी परेशानी होती रही है।केन्द्र सरकार रिटेल सेक्टर में एफडीआई चाह रही है लेकिन ममता बनर्जी के विरोध के कारण इसे अमली जामा पहनाने में दिक्कतें आ रही हैं।पर हकीकत यह है कि यह बनावटी जनपक्षधर साम्यवादी उदारवादी तेवर​ ​ बंगाल का परंपरागत ब्राह्मणवादी वर्चस्व का निहायत खूबसूरत फरेब है, जिसके दम पर ३४ साल तक पहले वामपंथियों ने राज किया और अब सिर्फ सत्ता का चेहरा बदला है, चरित्र नहीं। दीदी वहीं कर रही हैं जो वामपंथी कर रहे थे। सत्तावर्ग के हित, जो बाजार के हित भी हैं, उनसे परे उनका भी कोई अलग एजंडा नहीं है। और कौन नहीं जानता कि सत्तावर्ग के हित ग्लोबल हिंदुत्व, झिओनिस्ट वैश्विक व्यवस्था,वैश्विक पूंजी और खुला बाजार से जुड़े हैं। जिनकी प्रतीक बनी हुई है मदाम हिलेरिया क्लिंटन, जिनकी छांव में कोलकतिया दीदी का वैश्विक अवतार का आज खुला बाजार में बाकायदा लांचिंग हो गया।ममता संग अपनी मुलाकात से पहले क्लिंटन ने कहा कि मैं जानती हूं कि महिलाओं के लिए कहीं पर भी चुना जाना कितना कठिन है। जब मैं किसी ऐसी महिला से मिलती हूं, जिसने सीमाएं तोड़ी हों तो मैं उनके साथ चुनावी राजनीति की अग्नि से गुजरने की समानता महसूस करती हूं। लोगों द्वारा उन्हें साहसी व्यक्ति के रूप में देखे जाने पर उनका कहना है कि मैं खुद को इस तरह से नहीं देखती लेकिन दूसरे देखते हैं। यह कभी-कभी फायदेमंद साबित होता है तो कभी-कभी इससे नुकसान भी होता है।हिलेरी दूसरी बार कोलकाता आ रही हैं। इससे पहले 1997 में वह मदर टेरेसा की अंत्येष्टि में शामिल हुई थीं। हिलेरी की यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

दीदी के तार अब वाशिंगटन से जुड़ चुके हैं। बाजार को उम्मीद हैं कि हिलेरिया की कामयाब राजनय से रीटेल एफडीआई, एशिया प्रशांत महासागर में खुला बाजार के विस्तार के साथ दक्षिण पूर्व एशिया में चीनी वर्चस्व के अवसान के सारे दरवाजे एकमुश्त खुलेंगे। भला हो अमेरिकी वालमार्ट और दूसरी कंपनियों का क्योंकि इसीमें कारपोरेट इंडिया की भलाई है। इस मुलाकात के जरिये इंडिया इनकारपोरेशन की तमाम मुश्किलें आसान हो जाने की उम्मीद हैं।पिछले साल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ढाका यात्रा के दौरान तीस्ता समझौता पर हस्ताक्षर का प्रस्ताव था। लेकिन आखिरी क्षणों में जल की मात्रा पर बनर्जी के विरोध के कारण हस्ताक्षर का प्रस्ताव टाल दिया गया। मल्टीब्रांड रिटेल कारोबार में एफडीआई और अन्य आर्थिक सुधारों पर भी दोनों नेताओं में वार्ता हो सकती है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में अमरिकी निवेश के मद्दे पर भी बात हो सकती है।

ममता दीदी ने ३४ साल के मार्क्सवाद विरोध की अपनी संघर्ष गाथा और मार्क्सवाद पर निर्णायक विजय की दास्तांन का पूरा ब्यौरा हिलेरिया को दिया है। कोलकाता पर जब कब्जा हो ही गया, तब दिल्ली क्या दूर है! हिलेरिया की सवारी वहां भी निकलेगी और मध्यपूर्व तक दौड़ पड़ेंगे अश्व मेध के घोड़े। इंदिरा गांधी के मुख्य आर्थिक सलाहकार और ज्योति बसु के पहले वित्त मंत्री ने बहुत पहले बता दिया है कि भारत की अर्थ व्यवस्था को गुलाम बनाने के लिए किस तरह वाशिंगटन ने विश्व बैंक के कारिंदे मनमोहन​  सिंह को भारत का वित्त मंत्री बनाया। इसका खंडन नहीं हुआ है अबतक। हमें नहीं मालूम कि क्षत्रपों की सिरमौर से एकांत वार्तालाप के दरम्यान अमेरिकी हितों के मद्देनजर भारत के सत्ता समीकरण के लिए क्या क्या नूस्खे तैयार किये गये हैं और विश्व बैंक के एक और कारिंदे प्रणव मुखर्जी को क्या हासिल हुआ! इनका खुलासा बाद में होगा। पर अहम बात है कि अमेरिकी हितों के संरक्षण में कालीघाट की देवी न्यूयार्क की स्वतंत्रता की मूरत में तब्दील है और दांव उन्हीं पर लगा है। पूंजी का अबाध प्रवाह सुनिश्चत करने के लिए क्या क्या सौदे हो गये. फिलहाल इसका ब्यौरा मिलना तनिक मुश्किल है।

इस बहुचर्चित मुलाकात का नतीजा चाहे जो हो, बाजार में हतासा का माहौल खत्म नहीं हुआ। हिलेरिया की मौजूदगी में सेनसेक्स की ऐसी दुर्गति ार्थिक सुधारो को लिए दबाव और बढ़ायेगा।यूरोपीय बाजारों की कमजोर शुरुआत से घरेलू बाजारों को मूड में बदलाव नहीं आया है। दोपहर 1:05 बजे, सेंसेक्स 247 अंक गिरकर 16584 और निफ्टी 79 अंक गिरकर 5008 के स्तर पर हैं।रियल्टी शेयर 3.25 फीसदी टूटे हैं। बैंक, मेटल, एफएमसीजी, आईटी, पीएसयू शेयर 2.5-1.5 फीसदी कमजोर हैं। ऑयल एंड गैस, तकनीकी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो, पावर, हेल्थकेयर और कैपिटल गुड्स शेयरों में 1.25-0.75 फीसदी की गिरावट है।हीरो मोटोकॉर्प, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक, डीएलएफ, हिंडाल्को, रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.25-2 फीसदी लुढ़के हैं।रुपये में कमजोरी कम होने से बीएचईएल 1.5 फीसदी चढ़ा है। सिप्ला, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी 0.4-0.2 फीसदी मजबूत हैं।यूरोपीय बाजारों ने भारी गिरावट के साथ शुरुआत की। फ्रांस और ग्रीस में नई सरकार आने से यूरोपीय यूनियन के साथ बेलआउट पैकेज खतरे में पड़ने की आशंका है।हालांकि, स्पेन में औद्योगिक उत्पादन 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी की खबर से यूरोपीय बाजार थोड़े संभले। सीएसी और डीएएक्स 1.5-1.75 फीसदी टूटे हैं। यूके के बाजार आज बंद हैं।दूसरी ओर फ्रांस में चुनाव नतीजे के बाद यूरो क्षेत्र में ऋण संकट को लेकर निवेशकों की चिंता से एशियाई कारोबार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में कमजोर आर्थिक आंकड़ों से भी तेल की कीमत पर असर पड़ा है। न्यूयार्क का मुख्य अनुबंध वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत जून डिलीवरी के लिये 1.92 डॉलर प्रति बैरल घटकर 96.57 डॉलर प्रति बैरल रही। इसी प्रकार, ब्रेंट नार्थ सी क्रूड की कीमत 1.48 डॉलर घटकर 111970 डॉलर प्रति बैरल रही।

अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन कड़े सुरक्षा घेरे में तीन दिवसीय भारत दौरे पर रविवार की दोपहर कोलकाता पहुंची। उनकी यात्रा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रिश्ते के मद्देनजर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।हिलेरी के साथ 40 लोगों का अमेरिकी शिष्टमंडल भी आया है। इसमें वरिष्ठ नौकरशाह और पत्रकार भी शामिल हैं। हिलेरी को लेकर अमेरिकी एयरफोर्स का सी-32 विमान दोपहर 12.50 पर यहां के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा। यहां भारत की ओर से पश्चिम बंगाल के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी औपचारिक अगवानी की। इससे पहले ढाका के हजरत शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बांग्लादेश की विदेश मंत्री दीपू मोनी ने उन्हें विदा किया था।

काले रंग की कोट और सफेद-काली मोतियों की माला पहनी हिलेरी क्लिंटन ने विमान से नीचे उतरते ही हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। फोटोग्राफरों को पोज देने के बाद नेवी ब्लू रंग के लैंड क्रूजर में सवार होकर वह 18 गाड़ियों के काफिले के साथ ताज बंगाल होटल चली गयीं। उनका विमान अपने तय समय से 15 मिनट की देरी से यहां उतरा।

उनके लिए अलीपुर स्थित ताज बंगाल होटल के करीब 100 कमरे बुक किए गए हैं। उनके आने के पूर्व ही इस होटल को अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया। उनके लिए मल्टी लेयर सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

होटल के पांचवे तल स्थित प्रेसिडेंसियल सुइट में थोड़ी देर आराम करने के बाद हिलेरी सिटी आफ ज्वाय का चक्कर लगाना नहीं भूलीं। भारत में अमेरिकी राजदूत नैंसी पावेल ने इसके लिए पहले से कुछ कार्यक्रम तय किए थे। आाइसीसीआर के रवींद्र नाथ टैगोर सेंटर में यहां के एक एनजीओ कोलकाता संवेद की कार्यकर्ताओं ने महज 4 मिनट के नृत्य से उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। इसकी सराहना करते हुए 64 वर्षीया हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता संवेद की फाउंडर सोहिनी चक्रवर्ती से नृत्य की इस विधा की जानकारी ली। यहीं पर उनकी मुलाकात नारी तस्करों के चंगुल से बचायी गयी महिलाओं से हुई। सोहिनी ने उन्हें बताया कि डांस थेरेपी से ऐसी महिलाओं का आत्मविश्वास वापस लाने में मदद मिलती है। उन्हें ऐसी महिलाओं द्वारा बनाए गए हैंडीक्राफ्ट भी दिखाए गए। इसके बाद वह ऐसी महिलाओं के पुनर्वास के लिए काम कर रहे कुछ और एनजीओ के प्रतिनिधियों से भी मिलीं।

हिलेरी का काफिला इसके बाद विक्टोरिया मेमेरियल के लिए रवाना हो गया। उन्होंने यहां करीब 15 मिनट गुजारा। उनके लिए दोपहर 1 बजे से ही यहां आम लोगों का प्रवेश रोक दिया गया था। विक्टोरिया मेमोरियल के सचिव स्वपन कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि हिलेरी क्लिंटन ने यहां गंगेद्रनाथ टैगोर की पेंटिंग प्रदर्शनी देखी। उन्होंने इन पेंटिंग्स के अलावा मैडम एटवेल द्वारा 19 वीं सदी के प्रारंभ में खींची गई तस्वीरे भी देखीं। उन्होंने म्यूजियम में रखे हथियारों का भी अवलोकन किया। इसके बाद वह वापस होटल लौट गयीं।

हिलेरिया ने ला मार्टिनीएरी स्कूल में कहा, ''वक्त बीतने के साथ भारत अपने दरवाजें जितना खोलेगा उतने ही विकास और बेहतरी के अवसर यहां आएंगे। मैं इस विश्वास के साथ यहां आई हूं कि भारत कहीं भी और किसी से भी प्रतियोगिता कर सकता है। लेकिन मैं राजनीति भी समझती हूं। जानती हूं कि ये फैसले कितने कठिन हो सकते है।''

हिलेरी ने कहा कि अमरीका भारत के खुदरा बाजार में विदेशी निवेश की मंशा रखता है और इस बारे में वो ममता बनर्जी से बात करेंगी।उन्होंने कहा, ''उत्पादों के वितरण से जुड़ी प्रक्रिया में अमरीका अपना अनुभव भारत के साथ बांट सकता है. छोटे-बड़े उत्पादकों से रिश्ते बनाने में भी अमरीका मदद कर सकता है. हमें सभी के लिए फायदे की स्थिति बनानी होगी।''

हिलेरी के अनुसार अमरीका एफडीआई और नागरिक परमाणु सहभागिता जैसे मामलों पर चर्चा चाहता है।

देशों के बीच पानी के बंटवारे से जुड़े मतभेदों पर हिलेरी ने कहा कि सभी देशों को एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के तौर पर इस तरह के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

ईरान से तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर हिलेरी ने कहा कि ईरान के परमाणु हथियार बनाने के कार्यक्रम की वजह से दुनिया के उस भाग में हथियार बनाने की होड़ शुरू हो जाने का डर रहेगा।

उन्होंने कहा, ''ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम से इसराइल को खतरा है। हम ईरान पर दबाव बनाकर परमाणु हथियार बनाने के उसके इरादे को बदलना चाहते थे। ईरान पहले ही अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर चुका है। उसने परमाणु अप्रसार संधि पर भी हस्ताक्षर नहीं किए है।''

हिलेरी का कहना है कि इस मुद्दे पर अमरीका को अंतरराष्ट्रीय सहमति मिल चुकी है और ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद वो एक बार फिर चर्चा में शामिल होने पर राजी हो गया है।

उन्होंने कहा, ''ईरान पर इसी दबाव को बनाए रखने के लिए भारत, चीन, जापान और यूरोपीय संघ से कहा जा रहा है कि वो ईरान से तेल आयात कम करें। तेल की जरूरतें पूरी करने के लिए सउदी अरब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ा रहा है।''

चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई के मामले पर हिलेरी ने कहा कि अमरीका अलकायदा को पूरी तरह से निष्क्रिय करना चाहता है और उनका मानना है कि संगठन का प्रमुख आयमान अल जवाहिरी पाकिस्तान में ही है।क्लिंटन ने कहा, 'हम अलकायदा को तबाह करना चाहते हैं। हम मानते हैं कि अलजवाहिरी पाकिस्तान में है। आपको जो मारने की कोशिश कर रहे हैं, आपको उन तक पहुंचना होगा। आपको उन्हें निशाना बनाना होगा।'

अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि आतंकवादी संगठन अलकायदा का सरगना अयमान अल जवाहिरी पाकिस्तान में है। पाकिस्तान के ऐबटाबाद में पिछले साल दो मई को ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद इजिप्ट मूल के कट्टरपंथी अल-जवाहिरी ने अलकायदा की कमान संभाली थी।

वर्ष 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के बारे में क्लिंटन ने कहा कि हमले के लिए जिम्मेदार हाफिज सईद पर इनाम की घोषणा की गई है। हिलेरी ने कहा, 'मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार हाफिज सईद पर मैंने इनाम रखवाया। हो सकता है कि हम जो चाहते है, उससे ज्यादा समय इसमें लगे, लेकिन हम आपका साथ देंगे और इसे संभव बनाने की कोशिश करेंगे।'

मुंबई हमले के आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के सरगना सईद के बारे में जानकारी देने पर अमेरिका ने पिछले महीने एक करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की थी।



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Published on 10 Mar 2013 ALL INDIA BAMCEF UNIFICATION CONFERENCE HELD AT Dr.B. R. AMBEDKAR BHAVAN,DADAR,MUMBAI ON 2ND AND 3RD MARCH 2013. Mr.PALASH BISWAS (JOURNALIST -KOLKATA) DELIVERING HER SPEECH. http://www.youtube.com/watch?v=oLL-n6MrcoM http://youtu.be/oLL-n6MrcoM

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We talked with Palash Biswas, an editor for Indian Express in Kolkata today also. He urged that there must a transnational disaster management mechanism to avert such scale disaster in the Himalayas. http://youtu.be/7IzWUpRECJM

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS CRITICAL OF BAMCEF LEADERSHIP

[Palash Biswas, one of the BAMCEF leaders and editors for Indian Express spoke to us from Kolkata today and criticized BAMCEF leadership in New Delhi, which according to him, is messing up with Nepalese indigenous peoples also. He also flayed MP Jay Narayan Prasad Nishad, who recently offered a Puja in his New Delhi home for Narendra Modi's victory in 2014.]

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS CRITICIZES GOVT FOR WORLD`S BIGGEST BLACK OUT

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS CRITICIZES GOVT FOR WORLD`S BIGGEST BLACK OUT

THE HIMALAYAN TALK: PALSH BISWAS FLAYS SOUTH ASIAN GOVERNM

Palash Biswas, lashed out those 1% people in the government in New Delhi for failure of delivery and creating hosts of problems everywhere in South Asia. http://youtu.be/lD2_V7CB2Is

THE HIMALAYAN TALK: PALASH BISWAS LASHES OUT KATHMANDU INT'L 'MULVASI' CONFERENCE

अहिले भर्खर कोलकता भारतमा हामीले पलाश विश्वाससंग काठमाडौँमा आज भै रहेको अन्तर्राष्ट्रिय मूलवासी सम्मेलनको बारेमा कुराकानी गर्यौ । उहाले भन्नु भयो सो सम्मेलन 'नेपालको आदिवासी जनजातिहरुको आन्दोलनलाई कम्जोर बनाउने षडयन्त्र हो।' http://youtu.be/j8GXlmSBbbk