| Wednesday, 07 March 2012 09:32 |
विवेक सक्सेना इस चुनाव नतीजे को कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बताते हुए पार्टी अध्यक्ष दावा करते हैं कि रायबरेली, अमेठी तक में कांग्रेस के हार जाने का मतलब है कि जनता ने उसके लिए खतरे की घंटी बजा दी है। वे इस दलील से आत्ममुग्ध हैं कि इस जीत का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि सपा और बसपा का खेल विधानसभा चुनाव तक ही सीमित है। लोकसभा चुनाव में तो भाजपा व कांग्रेस का मुकाबला होगा। वहां हम उसे कड़ी चुनौती देंगे। हम चुनाव नतीजों की समीक्षा बाद में करेंगे। यह सच है कि हमें सौ फीसद सफलता नहीं मिली पर इससे हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है। भाजपा मणिपुर में अपना खाता खुल जाने से खुश है। उसे उम्मीद है कि जोड़ तोड़ के जरिए उत्तराखंड में भी वह सरकार बना ही लेगी। गोवा में चुनावी जीत से वे उत्साहित हैं। उनका कहना है कि गोवा में चुनाव परिणाम ने हमारे ऊपर अल्पसंख्यक विरोधी होने के आरोप को पूरी तरह गलत साबित किया है। पार्टी के छह ईसाई उम्मीदवार विजयी हुए हैं। जबकि एक अन्य अल्पसंख्यक उम्मीदवार ने हमारे समर्थन से जीत दर्ज की है। नरेंद्र मोदी के इस चुनाव का बहिष्कार के बाद भी पार्टी इसे किसी तरह क ा मतभेद मानने को तैयार नहीं है। इसे सिरे से खारिज करते हुए गडकरी दावा करते हैं कि पार्टी के सभी सदस्यों ने एक इकाई के रूप में काम किया। यह पूछे जाने पर कि क्या नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार नहीं करने का उत्तर प्रदेश में भाजपा को नुकसान हुआ, गडकरी ने कहा कि गुजरात में सद्भावना यात्रा में व्यस्त होने के कारण उन्होंने प्रचार में शामिल होने में असमर्थता जताई थी। लेकिन उनकी शुभेच्छा साथ थी। |
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Tuesday, March 6, 2012
कांग्रेस से आगे रहने में ही खुश है भाजपा
कांग्रेस से आगे रहने में ही खुश है भाजपा
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