| Thursday, 23 February 2012 13:20 |
गरोथा :उत्तर प्रदेश:, 23 फरवरी (एजेंसी) शादी और राजनीति में यूं तो दूर दूर तक कोई नाता नहीं, लेकिन दद्दा के नाम से पुकारे जाने वाले समाजवादी पार्टी के मौजूदा विधायक दीपनारायण सिंह इन दोनों के मिलन से चुनाव वैतरणी पार करने की जुगत में हैं। यादव का कहना है कि वह चुनाव हारें या जीतें, लेकिन कम से कम 500 और सुयोग्य लड़के लड़कियों को विवाह सूत्र में बांधने का उनका लक्ष्य है। रस्का गांव के दीमर मोहल्ले के हीरालाल के अनुसार, ''दद्दा जिन लड़कियों की शादी करवाते हैं, उनके ससुराल वाले उनसे आम तौर पर बुरा व्यवहार नहीं करते क्योंकि वह दद्दा की बहनें हैं और अगर उन्हें कोई परेशानी हुई तो उनके ससुराल वालों की खैर नहीं।'' दद्दा चूंकि इन तमाम लड़कियों के भाई हैं इसलिए यह सभी लड़कियां रक्षाबंधन पर उन्हें राखी भी बांधती हैं। उनकी राखी बहनों में मुस्लिम लड़कियां भी शामिल हैं। मोंठ इलाके में मदरगंज की रूख्साना ने बताया, '' वह हम सबको रक्षाबंधन पर बुलाते हैं। राखी बंधवाकर वह हमें सूट या साड़ी देते हैं। इसके अलावा भी दद्दा हमारा हाल चाल जानने के लिए हमें अकसर बुलाते हैं।'' झांसी शहर से गुजरें तो दीवारों पर जगह जगह सामूहिक विवाह संबंधी घोषणाएं लिखी दिखाई देती हैं। कालेज शिक्षक ब्रजेन्द्र सिंह चौहान ने बताया, '' इस तरह की शादियां आम तौर पर फरवरी और मार्च तथा अक्षय तृतीया के शुभ मौके पर होती हैं। कुछ अगड़ी जातियां जैसे अग्रवाल और कुशवाहा ने भी खर्चा बचाने के लिए सामूहिक विवाह में भाग लेना शुरू किया है।'' 1,43,000 मतदाताओं वाले इस क्षेत्र की महिला मतदाताओं में यादव खासे लोकप्रिय हैं। |
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