इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ सेरेब्रल पाल्सी की 42 वर्षीय शिक्षिका जीजा घोष को विमान में चढ़ने के बाद उतार दिया गया
इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ सेरेब्रल पाल्सी की 42 वर्षीय शिक्षिका जीजा घोष को विमान में चढ़ने के बाद उतार दिया गया
| Monday, 20 February 2012 18:04 |
| नयी दिल्ली, 20 फरवरी (एजेंसी) स्पाइसजेट की कोलकाता..मुंबई की उड़ान से कल एक विकलांग महिला को उतार देने के मामले में उड्डयन कंपनी ने जांच शुरू कर दी है। चालक दल के सदस्यों ने कल महिला को विमान में से उतार दिया था और कहा था कि उनके लिए यात्रा करना सुरक्षित नहीं है। एयरलाइन ने घटना पर खेद जताते हुए कहा, ''हम आंतरिक तौर पर मामले की जांच कर रहे हैं जिसमें कोलकाता के इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ सेरेब्रल पाल्सी की 42 वर्षीय शिक्षिका जीजा घोष को विमान में चढ़ने के बाद उतार दिया गया।'' घोष को एक कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए गोवा जाना था और विकलांग लोगों को मुख्यधारा में लाने के विषय पर व्याख्यान देना था। घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''हम स्पाइसजेट से पूछेंगे कि उनके पायलट के खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी है।'' नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा तय नागरिक उड्डयन नियमों के अनुसार विस्तृत दिशानिर्देश हैं जो मई 2008 में प्रभाव में आये। यह नियम विशेष रूप से इंगित करता है कि कोई भी एयरलाइन विकलांग यात्रियों को या कम चल सकने वाले तथा उपकरणों की मदद लेने वाले लोगों को उड़ान से इनकार नहीं कर सकते जबकि ऐसे लोगों या उनके प्रतिनिधि के तौर पर किसी ने बुकिंग के समय या यात्रा के लिए प्रवेश करते समय एयरलाइंस को उनकी जरूरतों के बारे में बताया है। नियमों में एयरलाइंस के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि इस तरह के यात्रियों की देखभाल के लिए उनके स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और हर तीन साल में रिफ्रेशर पाठ्यक्रम भी उनके लिए आयोजित किया जाएगा। इससे पहले कोलकाता में विमान कंपनी के सूत्रों ने दावा किया था कि घोष को सेरेब्रल पाल्सी है और उन्हें विमान में यात्रा करने की इजाजत देना सुरक्षित नहीं था। विमान में यात्रा नहीं करने देने पर उन्होंने स्पाइस जेट के अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि कुछ लोगों ने पायलट को मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। अकसर विमान से यात्रा करने वाली घोष ने कोलकाता में संवाददाताओं से कहा, ''मुझे लगता है कि इस तरह के लोगों को कारण बताओ नोटिस मिलना चाहिए। वे नौकरी के काबिल नहीं हैं। वे इंसान नहीं हैं।'' |
No comments:
Post a Comment